
आगरा से बड़ी खबर सामने आई है। 23 दिसंबर को चीन से लौटा कारोबारी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। सर्दी-जुकाम होने पर कारोबारी ने प्राइवेट लैब में कोरोना की जांच कराई थी। जांच में कोरोना की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम कारोबारी के घर पहुंच गई है। उसके संपर्क में आने वाले लोगों को भी ट्रैस किया जा रहा है।
बता दें 30 दिन बाद आगरा में यह पहला केस मिला है। उधर, कानपुर में भी एक युवक कोरोना पॉजिटिव मिला है। जबकि एक दिन पहले मेरठ में पांच साल के बच्चे की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी।
सबसे पहले आगरा के कोरोना पॉजिटिव के बारे में पढ़ते हैं…
आगरा के शाहगंज क्षेत्र का रहने वाला युवक पेशे से कारोबारी है। सीएमओ ने बताया कि कारोबारी 23 दिसंबर को चीन से लौटा है। इसके बाद उसने जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। रैपिड रिस्पॉन्स टीम भेजकर पूरे परिवार के सैंपल लिए गए हैं। साथ ही मरीज की हिस्ट्री पता की जा रही है। मरीज की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जाएगी। सैंपल केजीएमयू भेजा जाएगा।
सीएमओ डा. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि विदेश से वापस आने वाले लोगों पर सात दिन तक नजर रखी जाएगी। वहीं वापस आए लोगों को होम आइसोलेट किया जाएगा। अगर सर्दी जुकाम और बुखार के लक्षण मिलते हैं तो उसकी कोरोना जांच कराई जाएगी।
KGMU भेजा जाएगा सैंपल
सीएमओ डा. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि तमाम लोग नए साल पर विदेश घूमने जाते हैं। वहीं इस दौरान कारोबार के सिलसिले में विदेश जाने वालों की संख्या भी बढ़ गई है। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा विदेश यात्रा से लौटने वाले लोगों की सूची उपलब्ध कराई जाएगी। इन लोगों पर सात दिन तक नजर रखी जाएगी और होम आइसोलेट किया जाएगा। जिससे कि दूसरे लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा न रहे।
किस वैरिएंट का संक्रमण, अभी यह स्पष्ट नहीं
विदेश से लौटे कारोबारी में कोरोना संक्रमण किस वैरिएंट का है, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है। ओमिक्रॉन बीएफ .7 वैरिएंट का फैलाव रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मरीज समेत परिजनों का इलाज शुरू कर दिया है। सीएमओ डॉ. श्रीवास्तव ने कहा है कि एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर कोविड मरीजों के लिए पर्याप्त इंतजाम है।
25 नवम्बर के बाद यह पहला केस
आगरा में 25 नवम्बर के बाद एक भी केस कोरोना पॉजिटिव नहीं आया है। कारोबारी ने शनिवार को प्राइवेट लैब में जांच कराई थी। रविवार को जब उसकी रिपोर्ट आई तो उसमें कोरोना की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण की पुष्टि के बाद सतर्कता और बढ़ा दी है।
अब कानपुर के कोविड पॉजिटिव केस के बारे में पढ़ते हैं…
मूल रूप से फतेहपुर का रहने वाल युवक कानुपर के नेहरू नगर में रहता है। युवक एंटीजन टेस्ट में संक्रमित निकला है। सैंपल GSVM मेडिकल कॉलेज की कोविड लैब भेजा गया है। RTPCR जांच में भी संक्रमण की पुष्टि होने के बाद नमूना जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए KGMU भेज दिया गया है।
ट्रैवल हिस्ट्री से होगी ट्रेसिंग
युवक की ट्रैवल हिस्ट्री फतेहपुर से दिल्ली और कानपुर मिल रही है। एसीएमओ डॉ. एसके सिंह ने बताया कि ट्रैवल हिस्ट्री खंगाली जा रही है। सीएमओ ने मेडिकल कॉलेज की कोविड लैब के साथ ही लाल पैथोलॉजी, न्यू लीलामणि, रीजेंसी, ज्ञान पैथोलॉजी, नारायणा, संजीवनी और मंगल कामना डायग्नोस्टिक को निर्देश दे दिए हैं कि RTPCR में जो भी केस पॉजिटिव आएंगे उनका सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए KGMU भेजा जाएगा।
अब मेरठ के कोविड पॉजिटिव बच्चे के बारे में पढ़ते हैं…
मेरठ में एक दिन पहले 5 साल का बच्चा कोरोना संक्रमित मिला है। बच्चा मेरठ के न्यूटिमा अस्पताल में भर्ती है। हालत इतनी गंभीर है। उसे वेंटिलेटर पर शिफ्ट करना पड़ा है। उसके सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए दिल्ली लैब भेजा गया है। बच्चे के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद मेरठ के स्वास्थ्य विभाग ने नए सिरे से अलर्ट जारी किया है।
हाई न्यूमोनिया से पीड़ित है बच्चा
बच्चा 22 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती हुआ। उसकी उम्र 5 साल है। बच्चा मूल रूप से बिजनौर का रहने वाला है। काफी दिन से बच्चे को न्यूमोनिया की समस्या है। परिजनों ने पहले बिजनौर में ही रहकर इलाज कराया। जब बच्चा ठीक नहीं हुआ तो उसे मेरठ रेफर किया गया।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित उपाध्याय के अनुसार,”बच्चे की हालत खराब है। इसलिए वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया है। बच्चे में सारे लक्षण कोरोना वाले हैं। बच्चे की RTPCR में कोविड पॉजिटिव निकला है। बच्चे को सांस लेने में दिक्कत है। लंबे समय बाद इतने हाई न्यूमोनिया वाला मरीज आया है। इसमें कोविड की पुष्टि हुई है। जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट से ही कोविड वैरिएंट का पता चलेगा।”










