लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र स्थित तेलीबाग बलदेव विहार कॉलोनी में रविवार तड़के एक सनसनीखेज वारदात ने सभी को झकझोर कर रख दिया। पिछले तीन सालों से प्रेम संबंध में रहे ममेरे-फुफेरे भाई-बहन ने पारिवारिक असहमति और सामाजिक मान्यताओं के दबाव में आकर एक साथ आत्महत्या कर ली। दोनों के शव किराये के मकान में सीलिंग फैन से अलग-अलग फंदों पर लटके पाए गए।
परिजनों की रोक-टोक से थे नाराज, रास्ते से भागकर पहुंचे लखनऊ
शुरुआती पुलिस जांच में पता चला है कि दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन रिश्तेदारी और सामाजिक मान्यताओं की वजह से परिवार इस शादी के सख्त खिलाफ था। परिजनों ने दोनों को समझाने-बुझाने की कोशिश की और इसी सिलसिले में उन्हें इटावा ले जाया जा रहा था। हालांकि, कानपुर रेलवे स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन चलने लगी, दोनों चलती ट्रेन से नीचे कूद गए और परिजनों को गच्चा देकर चुपचाप लखनऊ लौट आए। यहां पहुंचते ही कुछ ही घंटों के भीतर दोनों ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
मृतकों की पहचान शाहजहांपुर के निगोही निवासी 21 वर्षीय अनिकेत उर्फ रानू और गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी की रहने वाली 18 वर्षीय अंजलि के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अहमदाबाद जाने का बहाना बनाकर प्रेमिका को लाया था साथ
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, अनिकेत 23 जुलाई को काम के सिलसिले में अहमदाबाद जाने की बात कहकर घर से निकला था। लेकिन वह सीधे गाजियाबाद पहुंचा और अंजलि को अपने साथ ले आया। 25 जुलाई को दोनों अयोध्या पहुंचे, जहां परिजनों को उनकी मौजूदगी का पता चला। परिवार वाले उन्हें रिश्तेदार के घर इटावा ले जाकर समझाना चाहते थे, लेकिन कानपुर में ट्रेन से कूदकर दोनों भाग निकले और लखनऊ स्थित अपने घर आ गए।
जब घर पहुंचे परिजन तो कमरे में लटके मिले शव
अनिकेत का परिवार पिछले छह वर्षों से लखनऊ में किराये पर रह रहा है। ट्रेन से भागने के बाद दोनों सीधे इसी मकान में पहुंचे और अंदर से दरवाजा बंद कर फंदा लगा लिया। जब परिजन वहां पहुंचे और दरवाजा खोला, तो सामने का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए।
मृतक अनिकेत की मां संध्या देवी ने बताया कि 24 जुलाई को बेटे ने फोन करके 2,000 रुपये मांगे थे और कहा था कि दो दिन में वेतन मिलते ही लौटा देगा। उसने यह भी बताया था कि वह अंजलि के साथ अयोध्या में है। परिजनों को उम्मीद थी कि बातचीत से मामला सुलझ जाएगा, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि दोनों ऐसा खौफनाक कदम उठा लेंगे।
प्लंबिंग का काम करता था अनिकेत, परिवार का था सबसे छोटा बेटा
अनिकेत अपने परिवार का सबसे छोटा बेटा था और प्लंबिंग का काम करके आर्थिक मदद करता था। उसके पिता रंगाई-पुताई का काम करते हैं। बड़ा भाई शादीशुदा है और एक बहन भी है। गोसाईंगंज के एसीपी ऋषभ यादव ने बताया कि मामला पहली नज़र में आत्महत्या का लग रहा है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










