कड़ाके की ठंड और कोहरे का कहर जारी,धूप निकलने के बावजूद नहीं मिली राहत

 
ब्रेन स्ट्रोक,सांस के रोगी और हाई ब्लड प्रेशर की वजह से कई लोगों की सांसें टूटी

 
कानपुर(आरएनएस)। कड़ाके की ठंड का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। बर्फीली हवाओं के लगातार चलने से कानपुर महानगर में शीतलहर का प्रकोप जारी है। रविवार को न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विभाग प्रमुख डॉक्टर एसएन पांडेय के अनुसार दिन में धूप निकलने के बावजूद कोहरे का असर बना रहेगा और पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाली हवाओं की वजह से तापमान में भी कमी आएगी। पिछले 2 दिनों से कानपुर का न्यूनतम तापमान प्रदेश पड़ोसी पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के शहरों शिमला, कांगड़ा धर्मशाला,मसूरी व नैनीताल से भी कम रिकॉर्ड किया गया। शुक्रवार को तो न्यूनतम तापमान ने एक और रिकॉर्ड तोड़ा था। कानपुर में न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। फिलहाल ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।


पिछले सात दिनों में सर्दी के चलते हार्ट अटैक से 98 लोगों की मौत हो गई है। इनमें 40 साल से कम आयु के 18, 40 से 60 वर्ष के 30 और 60 साल से अधिक उम्र के 50 मरीज शामिल थे। यह कानपुर समेत आसपास के जनपदों से कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में गंभीर हालत में पहुंचे थे। इसके अलावा हैलट,उर्सला और शहर के अन्य नर्सिंग होम में ब्रेन स्ट्रोक,दमा,सांस के रोगी और हाई ब्लड प्रेशर की वजह से कई लोगों की सांसें टूट रही है।

 
इमरजेंसी में कंट्रोल रूम चालू
कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रो. विनय कृष्ण ने बताया कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इमरजेंसी में कंट्रोल रूम चालू कर दिया गया है। यहां डॉक्टर, जूनियर डॉक्टर के अलावा पैरामेडिकल स्टाफ तैनात है। हेल्पलाइन नंबर जारी की गई है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला के मुताबिक ब्रेन स्ट्रोक, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, सांस, गुर्दा, लिवर फेल होने की समस्या पर काफी मरीज भर्ती हैं। इमरजेंसी और आईसीयू में उपचार किया जा रहा है।


कोहरे के ठीकठाक प्रभाव,धुंध,गलन और शीत लहर से लोगों को घर से निकलने के लिए हिम्मत जुटानी पड़ रही थी। रविवार को करीब साढ़े दस बजे सूरज झांके और किरणें जब नजर आईं तो लोगों ने हिम्मत दिखाई। सुबह 11 बजे तक ठीकठाक स्थिति में धूप निकल चुकी थी,लेकिन गलन और शीतलहर के आगे बेदम साबित रही। धूप की वजह से हल्की राहत भी रही। लेकिन देर शाम को गलन और शीतलहर के चलते सड़कों पर सन्नाटा दिखने लगा।

 
5 दिन से चकेरी एयरपोर्ट पर कोई फ्लाइट नहीं उतरी
सर्दी और घना कोहरा होने से शनिवार को भी चार उड़ानें रद्द रहीं। लगातार 5 दिन से एक भी फ्लाइट कानपुर के चकेरी एयरपोर्ट पर नहीं उतरी है। इंडिगो की मुंबई, बेंगलुरु और स्पाइसजेट की दिल्ली और मुंबई की फ्लाइट निरस्त रही। नए साल पर छठे दिन चारों उड़ानें निरस्त रहीं।

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