कुशीनगर में दो माह के अंदर चौदह जिंदा जल मरे, फायर सर्विस फेल्योर, सरकारी आर्थिक सहायता तो मिली पर…



-अगलगी की सभी घटनाओं में फायर सर्विस की विफलता पर उठ चुके हैं सवाल
-सरकारी आर्थिक सहायता तो मिली पर बचाव के नहीं हुए ठोस उपाय

भास्कर ब्यूरो
पडरौना, कुशीनगर। कुशीनगर जिले में पिछले दो माह के भीतर अगलगी की तीन घटनाओं के चौदह लोगों के जिंदा जल मरने की लोमहर्षक घटनाएं हुई हैं। हालांकि इन सभी घटनाओं में मरने वाले परिवारों के पास पक्के व टीन शेड के घर बने थे, लेकिन बचाव के मुकम्मल इंतजाम न होने से त्रासदी को रोका नही जा सका। इन तीनों घटनाओं में फायर सर्विस का फेल्योर होना उजागर हुआ। रामकोला थानां क्षेत्र के माघी मठिया में फायर सर्विस की लापरवाही पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा था। यहां तक कि खुद सांसद कुशीनगर विजय कुमार दुबे डीएम से फायर सर्विस की लापरवाही पर एक्शन लेने के कह चुके हैं। बावजूद इसके बुधवार की रात की घटना में सब कुछ स्वाहा होने के बाद ही फायर सर्विस के जवान उरदहा में पहुंच सके।


इन घटनाओं में अहम पहलू यह है कि प्रशासन के द्वारा जो भी सहायता पहुंचायी जानी चाहिए वह तो पूरी की गयी। लेकिन जन हानि रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा सके। हालांकि इन घटनाओं को प्रशासन इत्तेफाक मान रहा है।इन सभी घटनाओं में एक चीज सामने निकल कर आयी है कि गैस सिलेंडर के फटने के चलते लोगों को अपनी जाने गवांनी पड़ी है।


उल्लेखनीय है कि अप्रैल माह में जटहां क्षेत्र के ग्राम बाजूपट्टी गांव में आग में जलकर दो मासूमों व एक साठ वर्षीय वृद्ध की मौत हो गयी। वहीं रामकोला थानाक्षेत्र के माघी मठिया गांव में दोपहर मे एक ही परिवार के बच्चों के साथ सो रही महिला समेत पांच लोगों की जान चली गयी थी। लगातार एक के बाद एक घटी घटना से पूरा जिला मर्माहत हो उठा। ताजा घटना बुधवार को रामकोला थाना क्षेत्र के बापू नगर वार्ड (ग्राम उर्दहा ) लगी आग में मां व उसके पांच बच्चों की आग की लपटों में घिर कर जिंदा जलकर मरने का सनसनीखेज मामले ने प्रशासन के माथे पर बल ला दिया है। घटना की सूचना मिलते ही डीएम रमेश रंजन व एसपी धवल जायसवाल ने रात में ही घटना स्थल का निरीक्षण किया। बताया जाता है कि इस घटना में घर के अंदर सो रही संगीता उम्र 38 वर्ष पत्नी नौमी खटीक, अंकित उम्र 10 वर्ष पुत्र नौमी, लक्ष्मीना 9 वर्ष पुत्री नौमी , रीना उम्र 3 वर्ष नौमी , गीता उम्र 2 वर्ष पुत्र नौमी, बाबू उम्र 1 वर्ष पुत्र नौमी की जलने से मौत हो गई। घटना के समय गृहस्वामी नौमी व उसके पिता भीषण गर्मी के चलते दरवाजे पर सोए थे। जब आग लगी तो नौमी और उसके पिता ने शोर मचाते हुए आग बुझाने के लिए ग्रामीणों को आवाज लगायी। ठीक इसी वक्त रसोई गैस सिलिन्डर फट गया। 

जिससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। गैस सिलिन्डर फटने की आवाज सुन कर पड़ोसी ग्रामीण पहुंचे। तब तक देर हो गई थी। पूरा घर आग का गोला बन गया था। ग्रामीणों ने फायर बिग्रेड को सूचना दी। फायर बिग्रेड की गाड़ी भी देर से पहुंची। लेकिन इनके पहुंचने से पहले ही सबकुछ खत्म हो चुका था।

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