
आगरा के दयालबाग क्षेत्र में प्रशासन की कार्रवाई के दौरान राधा स्वामी सत्संग सभा के सत्संगियों ने रविवार को पुलिस पर हमला कर दिया था। यहां 10 हेक्टेयर जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची थी। इसी दौरान सभी सत्संगियों ने अचानक घेरकर पुलिस फोर्स पर हमला कर दिया। इसमें बच्चों और महिलाओं को आगे किया गया था। 5 घंटे चले हंगामे के बाद पुलिस और प्रशासन को पीछे हटना पड़ा था। इस दौरान डीसीपी-एसीपी समेत 20 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे। रविवार देर तक चली प्रशासनिक बैठक के बाद अधिकारियों ने सत्संगियों को 7 दिन का समय दिया। इसके बाद से दयालबाग में तनावपूर्ण शांति है। वहीं सोमवार को एक सत्संगी महिला डीसीपी सिटी कार्यालय पहुंची। जहां उसने सत्संग सभा को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे किए। इस दौरान उसने सत्संग सभा पर कैंप के दौरान कई हत्याओं का आरोप भी लगाया।
सोमवार को डीसीपी सिटी कार्यालय पहुंची महिला ने सत्संगियों की पोल पट्टी खोल दी। महिला ने यहां तक बताया कि अपराधियों को संरक्षण दिया जाता है, होने वाले सभी अवैध कार्य इस कैंप में होते हैं हमला करने के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल किया जाता है। महिला का आरोप है कि सत्संगियों के कैंप में कई महिला पुरुषों की हत्या हो चुकी है। रोड के नीचे उनके शव दफना दिए गए हैं। महिला ने बताया कि बच्चों को लड़ाई की खतरनाक ट्रेनिंग देने के लिए बाहर से लोग बुलाए जाते हैं। कोड वर्ड के आधार पर यहां तमाम अनैतिक कार्य चलते हैं। महिला का आरोप है कि सत्संग सभा परिसर में कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन किसी ने शिकायत करने की हिम्मत नहीं दिखाई। महिला ने बताया कि उसे भी मुंह न खोलने की धमकी दी गई है। उसने कहा कि अब सत्संगी उसकी हत्या भी कर सकते हैं।
विरोध करने पर कैंप में ले जाकर कर दी जाती है हत्या
महिलाओं को हमला करने के लिए आगे की टुकड़ी में रखा जाता है जिससे कोई उन पर हमलावर ना हो सके अगर कोई विरोध करता है उसे कैंप के अंदर ले जाते हैं और उसकी हत्या कर देते हैं। महिला द्वारा लगाई गई आरोपी की अगर जांच की जाए तो शायद कुछ खुलासा हो सकता है मथुरा जैसा कांड इस दयालबाग में भी निकाल कर आ सकता है।
आगरा में सत्संगियों का पूरा शासन अलग
रविवार को हुए बवाल के बाद आगरा में सत्संग सभा ने जिले के कई प्रतिष्ठित अखबार नहीं लेने का आह्वान किया है। हालांकि पुलिस अधिकारी भी अब चौकन्ने होकर फूंक-फूंककर कदम रख रहे हैं। महिला ने बताया कि सत्संगियों द्वारा आगरा से प्रकाशित होने वाले तीन चार अखबारों को न लेने की बात कही गई है। उसने बताया कि सत्संग सभा का पूरे दयालबाग क्षेत्र में अलग ही शासन चलता है। पुलिस अधिकारी मामले की जांच पड़ताल के लिए टीम बनाने की बात कर रहे हैं।













