
अयोध्या (ईएमएस)। अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर का प्रबंधन देखने वाले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 22 जनवरी को हो रहे प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए बाबरी मस्जिद के मुख्य पक्षकार रहे इकबाल अंसारी को निमंत्रण भेजा है। इकबाल अंसारी के पिता हाशिम राम जन्मभूमि स्वामित्व विवाद में मुख्य वादी थे। उन्होंने अपने पिता की मृत्यु के बाद सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद की कानूनी लड़ाई जारी रखी।
हालांकि, 9 नवंबर 2019 को एक ऐतिहासिक फैसले में शीर्ष अदालत ने राम जन्मभूमि स्थल का स्वामित्व हिंदू पक्ष को सौंपने का फैसला सुनाया। अंसारी ने अदालत के फैसले का स्वागत कर सैकड़ों वर्ष पुराने इस विवाद का पटाक्षेप करने पर बधाई दी थी। उन्होंने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शहर के विकास में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा। बता दें कि राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम का शुरुआती निमंत्रण इकबाल अंसारी को भेजा गया था। तब उन्होंने कहा था, यह भगवान राम की दिव्य इच्छा हो सकती है कि मुझे पहला निमंत्रण मिला। मैं निमंत्रण को स्वीकार करता हूं।
हाल के दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 दिसंबर को अयोध्या दौरे पर गए थे। उन्होंने वहां रोड शो भी किया था। तभी अंसारी को पीएम मोदी पर फूल बरसाते हुए देखा गया था। इस दौरान इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या आने वाला कोई भी व्यक्ति हमारा मेहमान है। उनका अभिनंदन करना हमारा धर्म और परंपरा है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री अयोध्या आए और उनके स्वागत में मैंने फूल बरसाए।
उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी के स्वागत के लिए हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और अन्य सभी लोग वहां मौजूद थे। अंसारी ने कहा कि वह निश्चित रूप से 22 जनवरी 2023 को रामलला के प्रतिष्ठा समारोह का हिस्सा बनना चाहता हूं। अंसारी ने कहा कि अयोध्या में पहले एक छोटा सा रेलवे स्टेशन हुआ करता था, लेकिन अब भव्य स्टेशन बन गया है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का निर्माण भी हुआ है।