लखनऊ। राजधानी के बिजनौर इलाके में शनिवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब अशरफ नगर गांव की एक झील के पास लहूलुहान हालत में एक युवक का शव मिला। पुलिस ने जब तहकीकात शुरू की, तो परत दर परत ऐसी खौफनाक दास्तान सामने आई जिसने सबको हिला कर रख दिया। यह कत्ल किसी रंजिश या लूट के लिए नहीं, बल्कि ‘लोक-लाज’ और ‘बदनामी’ के डर से उपजे गुस्से का नतीजा था। एक बेटे ने अपनी मां के अवैध संबंधों से तंग आकर अपने ही दोस्त (रिश्ते में चाचा) के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया।
तीन साल का अवैध रिश्ता और गांव वालों के ताने
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी अनिल कुमार यादव ने बताया कि मृतक सूरज गौतम, जो पीजीआई में संविदा कर्मी था, उसका अनिल की मां के साथ पिछले तीन सालों से नाजायज रिश्ता था। अनिल का दावा है कि इस बात की खबर धीरे-धीरे पूरे गांव में फैल गई थी। लोग उसे देखते ही कानाफूसी करते और उसका मजाक उड़ाते थे। अनिल अंदर ही अंदर घुट रहा था। उसने कई बार सूरज को अपने घर आने से मना किया और अपनी मां को भी समझाया, लेकिन सूरज का आना-जाना जारी रहा।
जब कमरे में खुली पोल, तो बना लिया कत्ल का प्लान
अनिल के मुताबिक, करीब दो महीने पहले उसने अपनी मां और सूरज को कमरे के भीतर शारीरिक संबंध बनाते हुए रंगे हाथों देख लिया था। उस मंजर ने अनिल के भीतर प्रतिशोध की आग जला दी। उसे लगा कि जब तक सूरज जिंदा रहेगा, समाज में उसके परिवार की ‘जग हंसाई’ होती रहेगी। इसी बदनामी से बचने के लिए उसने अपने नाबालिग रिश्तेदार (चाचा) के साथ मिलकर सूरज को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
शादी का झांसा, शराब की पार्टी और फिर खूनी खेल
साजिश के तहत 8 तारीख की रात अनिल, सूरज को एक शादी समारोह में चलने का बहाना बनाकर घर से साथ ले गया। रास्ते में झील के पास एक खाली प्लॉट पर तीनों ने रुककर शराब पी। जब सूरज नशे में पूरी तरह धुत हो गया, तो अनिल ने अपना असली रंग दिखाया। उसने पास रखा चापड़ निकाला और सूरज पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। जान बचाने के लिए सूरज वहां से भागा, लेकिन अनिल और उसके नाबालिग साथी ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया और ईंटों से उसके चेहरे पर तब तक प्रहार किया जब तक कि उसकी सांसें नहीं थम गईं।
पुलिस ने 24 घंटे में किया खुलासा, आरोपी सलाखों के पीछे
प्रभारी निरीक्षक कपिल गौतम के नेतृत्व में बिजनौर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने आरोपी अनिल यादव और उसके नाबालिग साथी को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चापड़, खून से सनी ईंट और मृतक सूरज का आईफोन (iPhone) भी बरामद कर लिया गया है। डीसीपी के मुताबिक, मुख्य आरोपी को जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है।











