
रविवार को रिमझिम बारिश से एक बार फिर किसानों की चिंता बढ़ी
हमीरपुर (हि.स.)। इस बार अच्छी सर्दी पड़ने और लगातार बादलों के छाए रहने से दलहन की फसलें पनप नहीं पा रही हैं। इसी के चलते दालों का कटोरा कहे जाने वाले बुंदेलखंड के किसान मायूस हैं। हालांकि गेहूं की फसल करने वालों में पैदावार अच्छी होने से खुश हैं। रविवार को रिमझिम बारिश होने से एक बार फिर किसानों में चिंता की लकीरें उभर आईं।
मौसम की बेरुखी से दलहन में मसूर, मटर, चना व अरहर जैसी तैयार खड़ी फसलों के बर्बाद होने की पूरी संभावना है। रविवार को उमड़ घुमड़ कर आए बादलों ने रिमझिम बारिश शुरू है। वहीं करीब पांच दिन निकली तेज धूप को लेकर किसान दलहन की फसलों में फूल के साथ फलियां लगने की आस लगाए थे, लेकिन इस बारिश से भले ही गेहूं की फसल को लाभ मिले। लेकिन दलहन के साथ सरसों की फसल को नुकसान होगा।
किसानों का कहना है कि बारिश गेहूं की फसल के लिए मुफीद साबित होगी। जिन क्षेत्रों में सिंचाई के साधन नहीं है। वहां बारिश से चेहरे खिल गए हैं। हालांकि जिन किसानों ने धान के बाद बोए गई चना फसल को जरूर फायदा मिलेगा। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो चार व पांच फरवरी को एक बार फिर बादलों के छाए रहने की संभावना है। इसके अलावा बारिश भी हो सकती है। रविवार को अधिकतम तापमान 23.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 12.0 डिग्री सेल्सियस रहा। बताया जा रहा है कि बारिश के साथ कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं। ऐसे में फसलों को भारी नुकसान होने की संभावना है।












