कैनरी द्वीप (स्पेन)। हंटा वायरस के संक्रमण की आशंका के बीच डच ध्वज वाले क्रूज शिप ‘एमवी होंडियस’ (MV Hondius) पर फंसे सभी 150 यात्रियों और क्रू सदस्यों के लिए राहत भरी खबर आई है। रविवार को स्पेन के कैनरी द्वीप तट पर एक बड़े बचाव अभियान के जरिए दो भारतीय नागरिकों सहित सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह ऑपरेशन स्पेनिश स्वास्थ्य अधिकारियों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत चलाया गया।
स्वस्थ हैं दोनों भारतीय नागरिक, नीदरलैंड किए गए शिफ्ट
राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि जहाज पर क्रू सदस्य के रूप में कार्यरत दोनों भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं। प्राथमिक जांच में उनमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं। स्पेन में भारतीय राजदूत ने पुष्टि की है कि दूतावास लगातार स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और दोनों भारतीयों की सुरक्षा पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है। वर्तमान में, उन्हें आगे की निगरानी और क्वारंटाइन के लिए नीदरलैंड भेज दिया गया है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार उनकी विस्तृत स्वास्थ्य जांच की जाएगी।
मिलिट्री और सिविल गार्ड की निगरानी में हुआ रेस्क्यू
स्पेनिश राष्ट्रीय आपातकालीन निगरानी और समन्वय केंद्र ने बताया कि बचाव अभियान के दौरान स्पेन की मिलिट्री इमरजेंसी यूनिट और सिविल गार्ड ने अत्यधिक सावधानी बरती।
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ट्रांसपोर्टेशन: यात्रियों को ग्रानाडिला बंदरगाह से विशेष बसों के जरिए सीधे टेनेरिफ दक्षिण हवाई अड्डे के रनवे तक पहुंचाया गया।
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निकासी: स्पेनिश यात्रियों को मैड्रिड भेजा गया है, जबकि अन्य विदेशी यात्रियों के लिए नीदरलैंड द्वारा ‘स्वीप फ्लाइट’ की व्यवस्था की जा रही है।
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जहाज की स्थिति: एहतियात के तौर पर प्रभावित जहाज को फिलहाल तट से कुछ दूरी पर ही लंगर डालकर (Anchor) रखा गया है।
कोविड जैसा खतरा नहीं: WHO प्रमुख ने दिलाया भरोसा
हंटा वायरस को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच डब्ल्यूएचओ (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने स्पष्ट किया है कि यह स्थिति कोविड-19 जैसी गंभीर नहीं है। उन्होंने कैनरी द्वीप के निवासियों को पत्र लिखकर भरोसा दिलाया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा फिलहाल बहुत कम है। टेड्रोस ने जानकारी दी कि डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञ और जरूरी मेडिकल सप्लाई पहले से ही जहाज पर मौजूद हैं, जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।














