नेपाल में ‘बालेन सुनामी’: केपी ओली के गढ़ में सेंध, बालेन्द्र शाह की RSP को प्रचंड बहुमत के संकेत

काठमांडू: नेपाल की राजनीति में इस समय एक ऐसी लहर चल रही है जिसने दशकों पुराने राजनीतिक किलों को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया है। 5 मार्च 2026 को हुए संसदीय चुनाव के बाद आ रहे रुझान एक नए नेपाल की तस्वीर पेश कर रहे हैं। काठमांडू के पूर्व मेयर और मशहूर रैपर बालेन्द्र (बालेन) शाह की पार्टी, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP), भारी बहुमत की ओर बढ़ रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना अब महज औपचारिकता लग रहा है। नेपाल की जनता ने इस बार ‘जेन-जी’ (Gen-Z) क्रांति के जरिए पुराने दिग्गजों को सत्ता से बेदखल करने का मन बना लिया है।

ओली के अभेद्य दुर्ग में बालेन की बड़ी जीत

नेपाल के चुनावी इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर झापा-5 सीट पर देखने को मिला है। पूर्व प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएल के कद्दावर नेता के.पी. शर्मा ओली, जो यहां से सात बार जीत चुके थे, बालेन शाह के सामने टिक नहीं सके। बालेन शाह ने ओली को 38,065 से अधिक वोटों के विशाल अंतर से शिकस्त दी है। झापा में बालेन को मिले 52,096 वोटों के मुकाबले ओली महज 14,031 वोटों पर सिमट गए। यह हार केवल ओली की नहीं, बल्कि उनकी पार्टी के उस प्रभुत्व की भी है जो नेपाल की सत्ता पर दशकों से हावी था।

काठमांडू घाटी में RSP का ‘क्लीन स्वीप’

राजधानी काठमांडू में बालेन शाह की पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, RSP ने काठमांडू की सभी 10 सीटों पर कब्जा कर लिया है। पार्टी न केवल राजधानी बल्कि देश भर की 165 प्रत्यक्ष सीटों में से 117 से अधिक सीटों पर निर्णायक बढ़त बनाए हुए है। इसके उलट, नेपाली कांग्रेस और यूएमएल जैसी पारंपरिक पार्टियां अब दहाई के आंकड़े तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रही हैं। गगन थापा जैसे युवा चेहरा भी अपनी साख बचाने के लिए जूझ रहे हैं।

पुराने दिग्गजों का पतन और युवाओं का आक्रोश

नेपाल के लगभग 1.89 करोड़ मतदाताओं में से अधिकांश युवाओं ने इस बार बदलाव के पक्ष में वोट दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि भ्रष्टाचार, बार-बार गिरती सरकारों और विकास की कमी ने जनता के सब्र का बांध तोड़ दिया है।

  • पुष्प कमल दहाल ‘प्रचंड’: हालांकि प्रचंड अपनी सीट (रुकुम ईस्ट-1) बचाने में कामयाब रहे, लेकिन उनकी पार्टी ‘नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी’ पूरे देश में सिमटती नजर आ रही है।

  • शेर बहादुर देउबा: नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाली पुरानी राजनीति को भी जनता ने सिरे से खारिज कर दिया है।

9 मार्च तक साफ हो जाएगी अंतिम तस्वीर

नेपाल चुनाव आयोग के अनुसार, मतगणना की प्रक्रिया तेज कर दी गई है और उम्मीद है कि 9 मार्च तक सभी सीटों के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। 35 वर्षीय इंजीनियर और रैपर बालेन शाह की संभावित जीत ने न केवल नेपाल, बल्कि पड़ोसी देशों के कूटनीतिज्ञों का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है। बालेन का उदय दक्षिण एशिया में ‘स्वतंत्र और युवा राजनीति’ के एक नए मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।

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