पेंटर बनकर रेकी, फिर सूने घरों पर धावा : लखनऊ में ‘त्रिनेत्र’ ने दबोचा शातिर चोर गिरोह; 25 लाख के जेवरात बरामद

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में इन दिनों चोरों के एक ऐसे गिरोह ने आतंक मचा रखा था, जिनकी कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। कभी ऑर्केस्ट्रा में साथ काम करने वाले तीन दोस्त ‘पेंटर’ बनकर गलियों की रेकी करते और मौका मिलते ही बंद मकानों को साफ कर देते थे। लखनऊ कमिश्नरेट की दक्षिणी जोन पुलिस के लिए सिरदर्द बने इस गिरोह का पर्दाफाश मंगलवार को ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ की मदद से हो गया। बिजनौर पुलिस और सर्विलांस टीम ने घेराबंदी कर तीनों शातिर चोरों को गिरफ्तार कर लिया है।

ऑर्केस्ट्रा से शुरू हुई दोस्ती और जुर्म का सफर

पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पकड़े गए तीनों आरोपी— रावेन्द्र कुमार गौतम, सन्नी रावत उर्फ कालिया और शिवा चौरसिया उर्फ जान— पहले एक ऑर्केस्ट्रा पार्टी में साथ काम करते थे। वहीं इनकी दोस्ती हुई और जल्द ही इन्होंने कम समय में अमीर बनने के लिए चोरी का रास्ता चुन लिया। ये तीनों दिन में पेंटर बनकर कॉलोनियों में घूमते थे ताकि यह पता चल सके कि कौन सा मकान बंद है। रात होते ही ये मोटरसाइकिल से निकलते और ताला तोड़कर कीमती जेवरात व नकदी समेटकर अलग-अलग जनपदों में फरार हो जाते थे।

‘त्रिनेत्र’ बना पुलिस के लिए संजीवनी, CCTV से खुला राज

दक्षिणी जोन के बिजनौर और पीजीआई थाना क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों में ताबड़तोड़ पांच चोरियां हुई थीं, जिसने पुलिस की नाक में दम कर रखा था। डीसीपी दक्षिण निपुण अग्रवाल के नेतृत्व में गठित टीम ने जब ‘त्रिनेत्र’ अभियान के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला और जमीनी मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया, तो संदिग्ध बाइक की पहचान हो गई। पुलिस ने जाल बिछाकर तीनों को दबोच लिया। इनके पास से 25 लाख रुपये की कीमत के जेवरात और चोरी में इस्तेमाल बाइक बरामद हुई है, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी।

अपराध का काला इतिहास: एक पर 22 तो दूसरे पर दर्ज हैं 19 मुकदमे

पकड़े गए तीनों आरोपी लखनऊ के ही रहने वाले हैं और पेशेवर अपराधी हैं। पुलिस के अनुसार, सन्नी रावत उर्फ कालिया पर सबसे ज्यादा 22 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि शिवा चौरसिया पर 19 और रावेन्द्र पर 13 मामले दर्ज हैं। इस गिरोह के पकड़े जाने से बिजनौर की चार और पीजीआई की एक चोरी समेत कुल पांच बड़ी वारदातों का खुलासा हुआ है।

सराहनीय कार्य के लिए पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम

चोरों के इस अंतरजनपदीय गिरोह को सलाखों के पीछे भेजने वाली बिजनौर पुलिस, क्राइम टीम और सर्विलांस सेल की डीसीपी दक्षिण ने जमकर पीठ थपथपाई है। टीम की इस बड़ी कामयाबी पर 25,000 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन्होंने चोरी का माल कहां-कहां ठिकाने लगाया है और इस गिरोह में कुछ और लोग तो शामिल नहीं हैं।

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