खाड़ी में ‘महायुद्ध’ का आगाज! ईरान के ड्रोन हमले में अमेरिकी तेल टैंकर धू-धू कर जला….VIDEO में देखें भयावह मंजर

शारजाह/दुबई: मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव आज एक ऐसे भयानक मोड़ पर पहुंच गया है, जिसने पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की आहट दे दी है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में शारजाह के तट के पास ईरान ने एक आत्मघाती ड्रोन हमला कर अमेरिका के स्वामित्व वाले एक विशाल तेल टैंकर को आग के हवाले कर दिया। होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी के बाद से अमेरिकी हितों पर यह अब तक का सबसे सीधा और घातक हमला माना जा रहा है।

आसमान में काले धुएं का गुबार, ट्रंप के दावे के बाद पलटवार

यूएई के तट से मिले विचलित करने वाले फुटेज में समुद्र के बीचों-बीच अमेरिकी टैंकर से काले धुएं के विशाल गुबार उठते देखे जा सकते हैं। यह हमला ठीक उस वक्त हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खर्ग आइलैंड (Kharg Island) पर बमबारी कर वहां के सैन्य ठिकानों को जमींदोज कर दिया है। ट्रंप के इस दावे के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने इस विनाशकारी हमले को अंजाम देकर अपनी ताकत का अहसास कराया।

मोजतबा खामेनेई की ‘खौफनाक’ चेतावनी: “राख के ढेर में बदल देंगे”

यह हमला ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के उस बयान के बाद हुआ है, जिसने पश्चिमी देशों की नींद उड़ा दी है। खामेनेई ने कसम खाई थी कि ईरान के सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों का बदला लेने के लिए वह इस क्षेत्र में मौजूद हर पश्चिमी संपत्ति को “राख के ढेर” में बदल देंगे। ईरानी सशस्त्र बलों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनके तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाया गया, तो वे खाड़ी में मौजूद उन सभी तेल कंपनियों को निशाना बनाएंगे जो अमेरिका के साथ सहयोग कर रही हैं।

ग्लोबल इकोनॉमी में ‘ऑयल शॉक’, $150 पहुंचा क्रूड ऑयल

इस हमले के साथ ही वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global Energy Market) में हाहाकार मच गया है। कच्चे तेल की कीमतें रॉकेट की रफ्तार से 150 डॉलर प्रति बैरल की ओर बढ़ रही हैं। फारस की खाड़ी में समुद्री बीमा (Maritime Insurance) की दरें इतनी बढ़ गई हैं कि शिपिंग कंपनियों ने इस रूट से अपने कदम खींच लिए हैं। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह ‘छाया युद्ध’ इसी तरह जारी रहा, तो दुनिया को अब तक के सबसे बड़े आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ सकता है।

खर्ग द्वीप: ईरान की अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन पर खतरा

बता दें कि खर्ग द्वीप ईरान के लिए बेहद संवेदनशील है। मात्र 5 मील लंबे इस द्वीप से ईरान के 90% कच्चे तेल का निर्यात होता है। ट्रंप की इस द्वीप पर हमले की धमकी और ईरान का टैंकर पर पलटवार यह साबित करता है कि अब युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सीधे तौर पर दुनिया की ‘एनर्जी लाइफलाइन’ को काटने की कोशिश है। शारजाह के पास हुआ यह हमला इस बात का संकेत है कि अब होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर के सुरक्षित इलाके भी युद्ध क्षेत्र में तब्दील हो चुके हैं।

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