देश में गहराया भीषण LPG संकट: 3500 रुपये में बिक रहा सिलेंडर, सुबह 4 बजे से लाइनें, PNG वालों के लिए सरकार का सख्त आदेश

नई दिल्ली/लखनऊ। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव ने भारत की रसोई का बजट और सुकून दोनों बिगाड़ दिया है। देश के आधे से ज्यादा राज्यों में एलपीजी (LPG) का भीषण संकट पैदा हो गया है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और बिहार जैसे राज्यों में हालात बेकाबू हो रहे हैं। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह 4 बजे से ही लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। इस संकट का फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले सक्रिय हो गए हैं, जहां 950 रुपये का घरेलू सिलेंडर 3500 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 5000 रुपये तक में बेचा जा रहा है।

यूपी से एमपी तक हाहाकार: कहीं हंगामा तो कहीं अपनों में कलह

गैस की किल्लत ने लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। कानपुर में एजेंसी पर ‘गैस नहीं है’ का बोर्ड देखकर भड़के लोगों ने जमकर हंगामा किया, जिसे शांत कराने के लिए पुलिस को दखल देना पड़ा। वहीं, मैनपुरी में गैस की बर्बादी को लेकर सास-बहू का झगड़ा थाने तक पहुंच गया। मध्य प्रदेश में तो लोग 8-8 घंटे चिलचिलाती धूप में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं। राजस्थान में रसोई गैस के साथ-साथ सीएनजी (CNG) के लिए भी एक-एक किलोमीटर लंबी लाइनें लग रही हैं।

PNG कनेक्शन वालों के लिए बदले नियम: सिलेंडर रखना अब ‘गैर-कानूनी’

देश में गहराते संकट के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने नियमों में कड़ा बदलाव किया है। अब जिनके घर में पाइप वाली गैस (PNG) का कनेक्शन है, उन्हें अपना एलपीजी सिलेंडर तुरंत सरेंडर करना होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि:

  • एक ही घर में PNG और LPG दोनों रखना अब कानूनन जुर्म होगा।

  • PNG यूजर्स न तो नया सिलेंडर बुक कर पाएंगे और न ही नया कनेक्शन ले सकेंगे।

  • नियम न मानने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

बुकिंग के नियम भी बदले, बढ़ा लॉक-इन पीरियड

बढ़ती डिमांड को देखते हुए 9 दिन के भीतर तीन बार बुकिंग नियमों में बदलाव किया गया है। अब शहरों में एक सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक होगा, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह गैप 45 दिन का कर दिया गया है।

राहत की खबर: 92 हजार टन गैस लेकर भारत आ रहे दो जहाज

इतने तनाव के बीच भारत के लिए एक उम्मीद की किरण जागी है। भारत के दो बड़े मालवाहक जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं। ये जहाज करीब 92,700 मीट्रिक टन गैस लेकर आ रहे हैं, जो 16 और 17 मार्च तक मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पहुंच जाएंगे। इसके साथ ही सरकार ने 5 दिन बाद कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर लगी रोक भी हटा दी है, जिससे होटल और रेस्तरां संचालकों को बड़ी राहत मिलेगी।

ईरान ने दिया भारत को भरोसे का हाथ

ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने भरोसा दिलाया है कि युद्ध के हालातों के बावजूद वे भारतीय ऊर्जा जहाजों को नहीं रोकेंगे। उन्होंने कहा कि ईरान भारत की जरूरतों को समझता है और होर्मुज रूट से भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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