बुलंदशहर। सिकंदराबाद के चर्चित अनिल मावी हत्याकांड में पुलिस ने शिकंजा कसते हुए तीन मुख्य आरोपियों को भगोड़ा घोषित कर दिया है। पुलिस ने आरोपी अमित मावी, किशनपाल मावी और तेजी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए BNSS की धारा 84 के तहत कार्रवाई शुरू की है। रविवार को आरोपियों के घर के बाहर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मुनादी कराई गई और ढोल बजाकर आत्मसमर्पण की अंतिम चेतावनी दी गई।
दिनदहाड़े हत्या से दहल गया था जौली गांव
अनिल मावी की हत्या 4 मार्च 2026 को होली के पर्व के दौरान सिकंदराबाद के गांव जौली के पास की गई थी। आरोपियों ने दिनदहाड़े इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देकर कानून व्यवस्था को चुनौती दी थी। घटना के बाद से ही तीनों मुख्य आरोपी फरार चल रहे हैं और पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
50-50 हजार का इनाम और कुर्की की तैयारी
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पहले ही उन पर इनाम घोषित कर चुकी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दो आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये और एक आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित है। सीओ सिकंदराबाद भास्कर कुमार मिश्रा और कोतवाली प्रभारी अनिल शाही ने नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों के गांव पहुंचकर सार्वजनिक रूप से नोटिस चस्पा किया।
सरेंडर न करने पर नीलाम होगी संपत्ति
मुरादी के दौरान पुलिस ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि तीनों आरोपी जल्द ही न्यायालय या पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनकी चल-अचल संपत्ति को कुर्क कर नीलाम कर दिया जाएगा। पुलिस की इस कार्रवाई से फरार अपराधियों और उनके समर्थकों में खलबली मच गई है।
सिकंदराबाद पुलिस ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि यदि इन अपराधियों के बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो तुरंत सूचित करें। पुलिस का कहना है कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही तीनों सलाखों के पीछे होंगे।











