वेनेजुएला में 7 साल बाद फिर लहराया अमेरिकी परचम…क्या खत्म हुआ दुश्मनी का दौर? तेल की राजनीति पर…..

काराकास/वॉशिंगटन: अंतरराष्ट्रीय राजनीति के मंच से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। वेनेजुएला की राजधानी काराकास में स्थित अमेरिकी दूतावास पर ठीक सात साल बाद एक बार फिर गर्व से अमेरिकी झंडा फहराया गया है। साल 2019 में दोनों देशों के बीच कड़वाहट इस कदर बढ़ी थी कि राजनयिक संबंध पूरी तरह टूट गए थे और इस झंडे को उतार दिया गया था। अब 14 मार्च 2026 की सुबह, उसी पुराने वक्त पर झंडे की वापसी को एक ‘नए युग’ की शुरुआत माना जा रहा है।

मादुरो की गिरफ्तारी और सत्ता परिवर्तन ने बदली हवा

वेनेजुएला और अमेरिका के रिश्तों में यह नाटकीय मोड़ जनवरी 2026 की उन घटनाओं के बाद आया है, जिसने लातिन अमेरिका की राजनीति को हिलाकर रख दिया था। पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा पकड़े जाने और न्यूयॉर्क में कैद किए जाने के बाद सत्ता समीकरण पूरी तरह बदल गए। वर्तमान में अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने कमान संभाली है, जिन्होंने अमेरिका के साथ बिगड़े रिश्तों को सुधारने की पहल की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रोड्रिग्ज के इन प्रयासों का खुलकर समर्थन किया है, जिसके परिणामस्वरूप दूतावास की रौनक वापस लौटती दिख रही है।

“एक नई शुरुआत”: सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट

अमेरिकी दूतावास की टीम ने झंडा फहराने के इस ऐतिहासिक पल को सोशल मीडिया पर साझा किया। जारी बयान में कहा गया, “14 मार्च 2019 की जिस सुबह अमेरिकी झंडा अंतिम बार उतारा गया था, आज 14 मार्च 2026 को ठीक उसी समय इसे फिर से फहराया गया है। सात साल का लंबा इंतजार अब खत्म हुआ।” दूतावास ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अमेरिका अब वेनेजुएला के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। हालांकि, दूतावास की इमारत अभी पूरी तरह कामकाज के लिए तैयार नहीं है। वहां बड़े पैमाने पर मरम्मत का काम चल रहा है, इसलिए सामान्य गतिविधियों के शुरू होने में अभी थोड़ा वक्त और लग सकता है।

स्थानीय लोगों में खुशी, लेकिन तेल की राजनीति पर सवाल बरकरार

काराकास की सड़कों पर रहने वाले आम लोगों ने इस कदम का दिल खोलकर स्वागत किया है। स्थानीय निवासी लूज वेरोनिका लोपेज ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “यह वाकई प्रगति की ओर बढ़ता कदम है। हमें दुनिया के साथ अच्छे संबंधों की जरूरत है।” वहीं अलेसांद्रो दी बेनेडेट्टो जैसे लोग इस बदलाव से हैरान और खुश दोनों हैं। हालांकि, सिक्के का दूसरा पहलू भी है। वेनेजुएला का एक तबका ऐसा भी है जो मादुरो को हटाने के तरीके और देश के तेल उद्योग (Oil Industry) में बढ़ते अमेरिकी हस्तक्षेप को लेकर आशंकित है। उन्हें डर है कि रिश्तों की इस नई गर्माहट के पीछे कहीं वेनेजुएला के संसाधनों पर कब्जे की जंग तो नहीं है।

वैश्विक कूटनीति में बड़ा उलटफेर

विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण अमेरिका में अमेरिका का यह बढ़ता प्रभाव रूस और चीन जैसे प्रतिद्वंद्वी देशों के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है। दूतावास पर लहराता यह झंडा सिर्फ कपड़े का टुकड़ा नहीं, बल्कि इस बात का संकेत है कि वेनेजुएला अब पश्चिमी देशों के साथ अपने आर्थिक और राजनीतिक भविष्य को देख रहा है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह ‘नई शुरुआत’ वेनेजुएला की बदहाल अर्थव्यवस्था को पटरी पर ला पाएगी या विरोध के स्वर और तेज होंगे।

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