गाजियाबाद जासूसी कांड: अडानी-अंबानी के ठिकानों से मुंबई पोर्ट तक की रेकी, पाकिस्तान भेजे जा रहे थे वीडियो

गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर समेत देश की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले एक खतरनाक जासूसी गिरोह का गाजियाबाद पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस सनसनीखेज मामले में शुक्रवार को पुलिस ने 9 और आरोपियों को दबोचा है, जिनमें 5 नाबालिग शामिल हैं। जांच में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। यह गिरोह न केवल सैन्य ठिकानों, बल्कि देश के दिग्गज उद्योगपति अडानी और अंबानी के आवासों की रेकी कर उनकी लोकेशन और वीडियो पाकिस्तान भेज रहा था।

सोलर कैमरों से जासूसी: सुरक्षा चक्र को तोड़ने की गहरी साजिश

जांच में ‘शॉकिंग’ खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने संवेदनशील लोकेशंस पर नजर रखने के लिए हाई-टेक तकनीक का इस्तेमाल किया था। दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में जासूसी के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले (Solar-powered) और सिम-इनेबल्ड सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। पुलिस ने हाल ही में सोनीपत रेलवे स्टेशन और दिल्ली कैंट स्टेशन से ऐसे डिवाइस बरामद किए हैं। इन कैमरों के जरिए संदिग्ध सीधे पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को लाइव फीड दे रहे थे।

अडानी-अंबानी के घर और मुंबई पोर्ट भी निशाने पर

सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी दुर्गेश निषाद, जो नवी मुंबई में ट्रक चलाता था, उसने मुंबई पोर्ट की विस्तृत रेकी की थी। सुरक्षा एजेंसियां इसे 26/11 जैसे किसी बड़े समुद्री हमले की साजिश के तौर पर देख रही हैं। गिरोह ने रिलायंस और अडानी समूह के प्रमुखों के आवासों की सटीक लोकेशन और वीडियो भी सीमा पार भेजे थे। इन सूचनाओं के बदले आरोपियों को UPI के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स से मोटी रकम मिल रही थी।

जालंधर को दहलाने की थी तैयारी, प्रेमिका के चक्कर में टला हमला

पूछताछ में एक और डरावना सच सामने आया है। आरोपी सुहैल मलिक उर्फ रोमियो ने कुबूल किया कि दिल्ली के बाद उनका अगला निशाना पंजाब का जालंधर शहर था। हालांकि, वह अपनी प्रेमिका से मिलने हिमाचल प्रदेश चला गया, जिसकी वजह से वह जालंधर नहीं पहुंच सका और एक बड़ा आतंकी हमला टल गया। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इस गिरोह का जाल कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान तक फैला हुआ है।

9वीं का छात्र भी शामिल, वर्चुअल नंबरों का खेल

पकड़े गए आरोपियों में 15 से 17 साल के बीच के 5 नाबालिग भी शामिल हैं, जिनमें एक 9वीं कक्षा का छात्र है। इनके पास से 9 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद हुए हैं। ये आरोपी पाकिस्तानी नंबरों के अलावा मलेशिया और यूके के वर्चुअल नंबरों के जरिए संपर्क में थे। गिरोह के दो मुख्य मास्टरमाइंड, नौशाद अली और समीर उर्फ शूटर, फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।


गिरफ्तार आरोपियों की सूची:

  • शुक्रवार को पकड़े गए: गणेश गिरि (नेपाल), विवेक राय (बिहार), गगन कुमार प्रजापति (मेरठ), दुर्गेश निषाद (जौनपुर) और 5 नाबालिग।

  • 14 मार्च को पकड़े गए: सुहैल मलिक, सने इराम, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि और रितिक गंगवार।

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