गुजरात में यूसीसी बिल पास: विधानसभा में ऐतिहासिक फैसला, देश का दूसरा राज्य बना….विपक्ष का वॉकआउट

-साढ़े सात घंटे की चर्चा के बाद बहुमत से पारित, विपक्ष का वॉकआउट

-महिलाओं के सशक्तिकरण पर सरकार का जोर

गांधीनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात ने मंगलवार को एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। लंबी जद्दोजहद और घंटों चली तीखी बहस के बाद गुजरात विधानसभा ने ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) बिल को बहुमत से पारित कर दिया है। इसके साथ ही गुजरात अब उत्तराखंड के बाद देश का दूसरा ऐसा राज्य बन गया है, जहां सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू होगा। सदन में चर्चा के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त वार-पलटवार देखने को मिला, लेकिन अंततः देर रात यह विधेयक कानून की शक्ल लेने की दिशा में आगे बढ़ गया।

दोपहर से रात तक चला सियासी संग्राम, कांग्रेस का वॉकआउट

मंगलवार दोपहर ठीक 3:00 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तब सरकार की ओर से इस बहुप्रतीक्षित बिल को पेश किया गया। इसके बाद सदन में चर्चा का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह करीब साढ़े सात घंटे तक बिना रुके चलता रहा। सत्तापक्ष ने इसे सामाजिक न्याय का बड़ा कदम बताया, तो वहीं विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे असंवैधानिक करार देते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। रात 10:37 बजे जब मतदान की बारी आई, तो विरोध स्वरूप कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया, जिसके बाद बिल को बहुमत से पारित घोषित कर दिया गया।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का संबोधन: ‘धर्म से ऊपर उठकर समाज को जोड़ने वाला कानून’

बिल पास होने के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सदन को संबोधित करते हुए इसे गुजरात के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कानून किसी जाति या धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि कानून लागू होने के बाद भी किसी की व्यक्तिगत धार्मिक आस्थाओं के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि गुजरात हमेशा से ही प्रगतिशील निर्णयों का केंद्र रहा है और यूसीसी उसी कड़ी का हिस्सा है।

महिला सशक्तिकरण और ‘लव जिहाद’ जैसे मामलों पर कड़ा प्रहार

इस नए कानून के प्रावधानों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने महिला अधिकारों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यूसीसी के माध्यम से महिलाओं को संपत्ति और विकास की मुख्यधारा में समान भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि अपनी पहचान छिपाकर विवाह करने वाले यानी धोखे से शादी करने वालों के खिलाफ अब और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। विवाह पंजीकरण के मौजूदा नियम पहले की तरह ही प्रभावी रहेंगे, लेकिन उनमें पारदर्शिता और जवाबदेही और बढ़ेगी।

‘न कोई ऊपर, न कोई नीचे’: गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी का बड़ा बयान

सरकार की ओर से मोर्चा संभालते हुए गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने इस फैसले को “समान गुजरात, सशक्त गुजरात” की दिशा में मील का पत्थर बताया। उन्होंने अपने जोशीले अंदाज में कहा कि अब राज्य में “न कोई कानून से ऊपर है और न ही कोई नागरिक कानून से नीचे।” संघवी ने कहा कि यह कानून न्याय की देवी की तरह सभी को समान दृष्टि से देखेगा। इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद गांधीनगर से लेकर अहमदाबाद तक भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।

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