नासिक: महाराष्ट्र के नासिक से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है जिसने कॉर्पोरेट जगत के साथ-साथ पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। शहर की एक नामी आईटी कंपनी में पिछले चार साल से चल रहे यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण के काले खेल का नासिक पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब एटीएस (ATS), एनआईए (NIA) और आईबी (IB) जैसी केंद्रीय एजेंसियों ने भी मोर्चा संभाल लिया है।
#WATCH | Nashik, Maharashtra | The six accused in the alleged sexual harassment case, who were employees of an IT company, being taken to Nashik Central Jail from the Court. pic.twitter.com/xcBBXGB7co
— ANI (@ANI) April 10, 2026
ऑपरेशन रेड: जब ‘एंप्लॉई’ बनकर ऑफिस पहुंचीं महिला पुलिसकर्मी
इस गंदे खेल का खुलासा करना पुलिस के लिए आसान नहीं था। फरवरी में मिली शुरुआती जानकारी के बाद नासिक पुलिस ने ‘ऑपरेशन रेड’ की योजना बनाई। पुलिस ने अपनी टीम से 7 सबसे तेज तर्रार महिला पुलिसकर्मियों को चुना। इन जांबाज अधिकारियों ने अपनी पहचान छिपाकर उसी आईटी कंपनी में नौकरी ज्वाइन की। करीब 42 दिनों तक ये महिला पुलिसकर्मी ऑफिस के अंदर रहकर आरोपियों की हर हरकत पर पैनी नजर रखती रहीं। उन्होंने अपनी आंखों से देखा कि कैसे काम के बहाने महिलाओं से छेड़छाड़ की जाती थी और हिंदू कर्मचारियों पर धार्मिक टिप्पणियां होती थीं।
#WATCH | Maharashtra: BJP workers protest in Nashik, demanding action against culprits in connection with sexual harassment allegations by employees of an IT company here. pic.twitter.com/YAtVYCUhhV
— ANI (@ANI) April 10, 2026
छत पर नमाज और जबरन मांसाहार: ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ का आरोप
जांच में जो खुलासे हुए हैं वो रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी के अंदर हिंदू कर्मचारियों को जबरन नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता था। एक पुरुष कर्मचारी ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसे जबरन मांसाहारी भोजन खिलाकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। दफ्तर की छत पर ही नमाज पढ़ी जाती थी और जब कर्मचारी विरोध करते थे, तो कंपनी का एचआर (HR) हेड भी उनकी बात अनसुनी कर देता था। राज्य सरकार के मंत्री नितेश राणे ने इस पूरे घटनाक्रम को “कॉर्पोरेट जिहाद” करार देते हुए समाज को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
6 आरोपी गिरफ्तार, 9 एफआईआर दर्ज
पुलिस ने पुख्ता सबूत जुटाने के बाद टीम लीडर समेत 6 आरोपियों को दबोच लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख और आसिफ अंसारी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इस कंपनी में करीब 300 कर्मचारी काम करते हैं। अब तक 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें 8 महिलाएं (6 अविवाहित और 2 विवाहित) और एक पुरुष कर्मचारी शामिल है। पीड़ितों ने यौन उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
NIA और ATS की एंट्री: क्या है कोई अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन?
मामला सिर्फ स्थानीय अपराध तक सीमित नहीं दिख रहा है। अब केंद्रीय एजेंसियां यह पता लगाने में जुट गई हैं कि क्या इस गिरोह को कोई बाहरी या विदेशी फंडिंग मिल रही थी? क्या यह किसी प्रतिबंधित संगठन का सुनियोजित मॉड्यूल है? जांच एजेंसियां आरोपियों की डिजिटल एक्टिविटी, बैंक ट्रांजेक्शन और इंटरनेशनल कॉन्टैक्ट्स को खंगाल रही हैं। जल्द ही केंद्रीय टीमों के नासिक पहुंचकर आरोपियों से पूछताछ करने की संभावना है।













