इंदौर/शिलांग। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के चर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को करीब 11 महीने (320 दिन) जेल में बिताने के बाद जमानत मिल गई है। मेघालय की राजधानी शिलांग की एक अदालत ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया में गंभीर खामियां पाते हुए सोनम को राहत दी है।
हनीमून के दौरान हुई थी हत्या, 320 दिन बाद जेल से बाहर आई सोनम
यह मामला तब देशभर की सुर्खियों में आया था जब इंदौर के राजा रघुवंशी की उनके हनीमून के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज मामले में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी को ही मुख्य आरोपी बनाया गया था। सोमवार को शिलांग कोर्ट द्वारा जमानत मंजूर किए जाने के बाद मंगलवार शाम को सोनम जेल से रिहा हो गईं। जेल के बाहर उनके पिता देवी सिंह मौजूद थे, जिनके साथ वह बिना मीडिया के सवालों का जवाब दिए रवाना हो गईं।
संविधान के अनुच्छेद 22(1) का उल्लंघन: क्यों मिली जमानत?
सोनम रघुवंशी को मिली इस राहत के पीछे बचाव पक्ष की मजबूत दलीलें और पुलिस की प्रक्रियात्मक चूक रही। अदालत ने चौथी सुनवाई के दौरान पाया कि 7 जून 2025 को गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) में गिरफ्तारी के समय कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था।
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मौलिक अधिकारों का हनन: बचाव पक्ष ने दलील दी कि गिरफ्तारी के वक्त सोनम को उन पर लगे आरोपों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी।
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अनुच्छेद 22(1): कोर्ट ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करते समय उसे तुरंत गिरफ्तारी के कारण बताना अनिवार्य है। ऐसा न करना आरोपी के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
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दस्तावेजों में त्रुटियां: अदालत ने जांच एजेंसी के दस्तावेजों में भी गंभीर कमियां पाईं, जिसके चलते आरोपी को ‘बेनिफिट ऑफ डाउट’ का लाभ मिला।
शर्तों के साथ मिली राहत: शिलांग ही होगा नया ठिकाना
भले ही सोनम जेल से बाहर आ गई हैं, लेकिन अदालत ने उन पर बेहद कड़ी शर्तें लगाई हैं। सोनम रघुवंशी को जमानत के दौरान निम्नलिखित नियमों का पालन करना होगा:
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शहर छोड़ने पर पाबंदी: वह बिना अदालत की पूर्व अनुमति के शिलांग नहीं छोड़ सकती हैं।
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ट्रायल में उपस्थिति: पूरे ट्रायल के दौरान उन्हें शिलांग में ही रहना होगा और हर पेशी पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
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जांच में सहयोग: वह गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगी और जांच में पूरा सहयोग देंगी।
केस की पृष्ठभूमि: क्या था पूरा मामला?
राजा रघुवंशी और सोनम की शादी के बाद वे हनीमून के लिए निकले थे, जहां राजा की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने जांच के बाद सोनम को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में चिन्हित किया था। इस मामले ने इंदौर सहित पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया था। अब गिरफ्तारी प्रक्रिया में हुई इस बड़ी चूक के बाद, ट्रायल के अगले चरण में अभियोजन पक्ष के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं। फिलहाल, सभी की नजरें अब मामले की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।















