आंधी से बचने की कोशिश बनी काल : आंधी के बीच ढही दीवार…मलबे में दबकर दो मासूमों की दर्दनाक मौत

हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में गुरुवार देर शाम आए भीषण आंधी-तूफान ने दो परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। कोतवाली सादाबाद क्षेत्र के बिलारा गांव में तेज हवाओं के चलते एक कच्ची दीवार भरभरा कर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से दो मासूम बच्चों की दबकर मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

आंधी से बचने की कोशिश बनी काल: मलबे में दबे मनीष और लाडो

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदला और धूल भरी तेज आंधी चलने लगी। गांव के ही 10 वर्षीय मनीष (पुत्र जितेंद्र) और 10 वर्षीय लाडो (पुत्री जयप्रकाश) खुद को आंधी और उड़ती धूल से बचाने के लिए जयप्रकाश के घर की एक दीवार के सहारे छिपकर खड़े हो गए थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था; तेज हवा के दबाव को दीवार झेल नहीं पाई और अचानक मासूमों के ऊपर गिर गई।

चीख-पुकार के बीच ग्रामीणों ने किया रेस्क्यू, अस्पताल में तोड़ा दम

दीवार गिरने की आवाज और बच्चों की चीखें सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े। आनन-फानन में मलबे को हाथों से हटाकर दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया। ग्रामीण उन्हें लेकर तत्काल नजदीकी चिकित्सालय पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से बच्चों के शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया।

पुलिस की कार्रवाई: पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव

हादसे की सूचना मिलने पर सादाबाद कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। थाना प्रभारी ने बताया कि यह एक बेहद दुखद प्राकृतिक हादसा है। पुलिस ने पंचनामा भरकर दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासन द्वारा घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है ताकि पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सहायता मिल सके। इस घटना ने एक बार फिर आंधी-तूफान के दौरान जर्जर दीवारों और पुराने निर्माणों के पास न खड़े होने की चेतावनी दी है।

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