मुंबई। मायानगरी के पायधोनी इलाके में एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध मौत के मामले में एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसने जांच एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतकों की फॉरेंसिक रिपोर्ट में उनके शरीर के अंदर जहर पाए जाने की पुष्टि हुई है। इस रिपोर्ट के बाद अब यह आशंका गहरा गई है कि जिस तरबूज को परिवार ने बड़े चाव से खाया था, उसमें कोई घातक जहरीला पदार्थ मिलाया गया था।
शरीर के अंग पड़ गए थे ‘हरे’, जांच में मिला खतरनाक ड्रग
फॉरेंसिक जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट बेहद डरावनी है। सूत्रों के अनुसार, मृतक अब्दुल्ला और उनके परिवार के सदस्यों के आंतरिक अंगों का रंग बदलकर हरा हो गया था। डॉक्टरों ने जांच के दौरान पाया कि मृतकों के मस्तिष्क, हृदय और आंतों में असामान्य हरापन मौजूद था। इतना ही नहीं, रिपोर्ट में शरीर के भीतर ‘मॉर्फिन’ (एक अत्यंत शक्तिशाली और नशीली दर्द निवारक दवा) की मौजूदगी भी पाई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सामान्य फूड पॉइजनिंग का मामला नहीं है, बल्कि शरीर में किसी तीव्र विषैले पदार्थ के फैलने का परिणाम है।
बिरयानी के बाद खाया था तरबूज, फिर शुरू हुआ मौत का तांडव
पायधोनी के इस बदनसीब परिवार के साथ हुई यह त्रासदी रूह कंपा देने वाली है। बताया जा रहा है कि हादसे वाली रात परिवार के कुल 7 सदस्यों ने एक साथ मिलकर बिरयानी खाई थी। खाना खाने के बाद रिश्तेदार अपने घरों को चले गए। देर रात करीब 1:30 बजे पति (40), पत्नी (35) और उनकी दो मासूम बेटियों ने तरबूज काटकर खाया। 26 अप्रैल की सुबह 5:30 बजे के करीब अचानक चारों की तबीयत बिगड़ने लगी और देखते ही देखते हंसता-खेलता परिवार मौत की आगोश में सो गया।
साजिश या मिलावट? पुलिस खंगाल रही है तरबूज का ‘कनेक्शन’
अब पुलिस की जांच की सुई तरबूज के विक्रेता और उसकी सप्लाई चेन पर टिक गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि परिवार ने वह तरबूज किस दुकान या रेहड़ी से खरीदा था। पुलिस इस एंगल पर भी काम कर रही है कि क्या उसी लॉट से तरबूज खरीदने वाले अन्य लोग भी बीमार पड़े हैं? यदि केवल इसी परिवार के साथ ऐसा हुआ है, तो मामला किसी सोची-समझी साजिश की ओर भी इशारा कर सकता है। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें इलाके में अलर्ट पर हैं और विस्तृत फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।














