नई दिल्ली/कोलकाता/चेन्नई। चुनावी नतीजों के चार दिन बाद देश के दो बड़े राज्यों, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में सत्ता का सस्पेंस अब लगभग खत्म हो चुका है। बंगाल में जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रचंड बहुमत के साथ इतिहास रच दिया है, वहीं तमिलनाडु की सियासत में ‘थलापति’ विजय की एंट्री ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। एक तरफ बंगाल में मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग चुकी है, तो दूसरी तरफ तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर पल-पल समीकरण बदल रहे हैं।
बंगाल में पहली बार ‘कमल’ की सरकार, सुवेंदु अधिकारी संभालेंगे कमान
पश्चिम बंगाल के चुनावी इतिहास में इस बार सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। बीजेपी ने राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा में से रिकॉर्ड 207 सीटें जीतकर पहली बार सत्ता की चाबी अपने नाम की है। विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री चुना गया।
जीत के बाद सुवेंदु अधिकारी काफी भावुक नजर आए। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि अब बंगाल से “डर खत्म और भरोसा शुरू” हो गया है। सुवेंदु ने ‘सोनार बांग्ला’ के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि भाजपा कम बोलने और ज्यादा काम करने में विश्वास रखती है। उनकी प्राथमिकता बंगाल को महिलाओं के लिए देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनाना है।
तमिलनाडु में विजय का ‘विजयरथ’, लेकिन बहुमत के आंकड़े पर फंसा पेंच
दक्षिण की राजनीति में सुपरस्टार विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) ने धमाका कर दिया है। 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में विजय सत्ता के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। राज्यपाल से मुलाकात के बाद विजय ने सरकार बनाने का दावा तो पेश किया है, लेकिन जादुई आंकड़े को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार है।
तमिलनाडु विधानसभा का गणित:
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TVK (विजय की पार्टी): 108 सीटें
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कांग्रेस: 05 सीटें
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CPI: 02 सीटें
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CPI(M): 02 सीटें
लोकभवन से मिली जानकारी के अनुसार, विजय ने कुल 116 विधायकों की सूची राज्यपाल को सौंपी है। हालांकि, बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े (118) से वह अब भी 2 कदम दूर हैं। VCK की मांगों और कुछ तकनीकी पेचों के कारण तमिलनाडु में फिलहाल ‘कभी हां, कभी ना’ की स्थिति बनी हुई है। विजय को अपनी सरकार बचाने और बहुमत साबित करने के लिए 2 और विधायकों के समर्थन की दरकार है।
जोड़-तोड़ की सियासत और सरकार गठन की तैयारी
दोनों ही राज्यों में अब सरकार गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। बंगाल में जहां शपथ ग्रहण समारोह की भव्य तैयारियां चल रही हैं, वहीं तमिलनाडु में विजय अपने कुनबे को एकजुट रखने और निर्दलीयों या अन्य छोटे दलों को साधने में जुटे हैं। इन नतीजों ने स्पष्ट कर दिया है कि बंगाल में अब विचारधारा की नई लड़ाई शुरू होगी, जबकि तमिलनाडु में सिनेमा के पर्दे से निकलकर एक नया नायक राजनीति की कमान संभालने को तैयार है।















