लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। सरकार के नए निर्देशानुसार, प्रदेश भर में लगे सभी स्मार्ट मीटरों को अब पोस्टपेड मोड में संचालित किया जाएगा। इसका मतलब है कि अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह बिजली इस्तेमाल करने के बाद ही बिल का भुगतान करना होगा।
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत प्रदेश में जितने भी स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से प्रीपेड से पोस्टपेड प्रणाली में बदला जा रहा है। इस फैसले से उन लाखों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी जो रिचार्ज खत्म होने पर अचानक बिजली कटने की समस्या से परेशान थे।
15 मई से लगेंगे विशेष कैंप, मौके पर होगा शिकायतों का निपटारा
स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों से जुड़ी तकनीकी समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि 15 मई से 30 जून तक पूरे प्रदेश में अधिशासी अभियंता (XEN) और उपखंड अधिकारी (SDO) कार्यालयों पर विशेष शिकायत निस्तारण कैंप लगाए जाएंगे।
इन कैंपों की मुख्य विशेषताएं:
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विशेष हेल्प डेस्क: हर कार्यालय में एक समर्पित डेस्क होगी।
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बिल संशोधन: गलत बिलों को मौके पर ही ठीक किया जाएगा।
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तकनीकी समाधान: स्मार्ट मीटर से जुड़ी तकनीकी खामियों को तुरंत दूर किया जाएगा।
पारदर्शिता और सुशासन की ओर ऐतिहासिक कदम
राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने इस निर्णय को ‘ऐतिहासिक’ बताते हुए कहा कि योगी सरकार का यह कदम उपभोक्ताओं को पारदर्शिता और सुविधा प्रदान करने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकार सुशासन के संकल्प के साथ काम कर रही है और जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहितैषी निर्णय लिए जाते रहेंगे।
इस बदलाव के बाद अब उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का डर नहीं रहेगा और वे महीने के अंत में अपनी खपत के अनुसार बिल जमा कर सकेंगे। सरकार के इस कदम से बिजली विभाग और जनता के बीच के विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है।










