लखनऊ। राजधानी की मड़ियांव पुलिस ने ई-रिक्शा और टेंपो में सफर करने वाली सवारियों के लिए काल बने एक शातिर ‘हाथ की सफाई’ दिखाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह सवारी बनकर ई-रिक्शा में बैठता था और पलक झपकते ही पास बैठी महिलाओं के पर्स और गहनों पर हाथ साफ कर देता था। पुलिस ने गिरोह के दो युवकों और तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी मात्रा में जेवरात और नकदी बरामद की है।
भिटौली चौराहे के पास घेराबंदी कर दबोचा गया गिरोह
प्रभारी निरीक्षक शिवानंद मिश्रा के नेतृत्व में मड़ियांव पुलिस की टीम पिछले काफी समय से क्षेत्र में हो रही चोरी और टप्पेबाजी की वारदातों को रोकने के लिए सक्रिय थी। इसी बीच मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि भिटौली चौराहे से नौबस्ता जाने वाली रोड पर यह गिरोह किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में खड़ा है। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए मौके पर घेराबंदी की और दो पुरुषों व तीन महिलाओं को हिरासत में ले लिया।
गैंग में शामिल हैं तीन शातिर महिलाएं, जेवर और नकदी बरामद
थाने लाकर की गई पूछताछ में आरोपियों की पहचान जयप्रकाश उर्फ जैकी, मनोज कुमार उर्फ जत्था, रजनी, रामवती और अनीता के रूप में हुई है। जामातलाशी के दौरान इनके पास से चोरी किए गए सोने के हार, चेन, मंगलसूत्र, माथे का टीका, अंगूठी, कान के टॉप्स और 29 हजार 400 रुपये की नकदी बरामद हुई है। पूछताछ में गिरोह ने कुबूल किया कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में ई-रिक्शा या टेंपो में सवारी बनकर बैठते थे और महिलाओं का ध्यान भटकाकर उनके कीमती सामान पार कर देते थे।
पुराना अपराधी है यह गैंग, पुलिस ने भेजा जेल
मड़ियांव पुलिस के अनुसार, इस गैंग का नेटवर्क काफी फैला हुआ है और पकड़े गए सभी आरोपियों पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरोह में महिलाओं के शामिल होने के कारण सवारी को शक नहीं होता था, जिसका फायदा उठाकर ये आसानी से वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया है।










