बिहार में दिल दहला देने वाला नरसंहार: सूटकेस में मिली 4 लाशों का खुला खौफनाक राज, 5 दिनों से लापता था पूरा परिवार

कैमूर/रामगढ़: बिहार के कैमूर जिले में बीते दिनों सूटकेस और बोरियों में मिले सिर कटे शवों के मामले में एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है जिसने पूरे सूबे को हिलाकर रख दिया है। नदी किनारे टुकड़ों में मिली लाशें किसी और की नहीं, बल्कि एक ही हंसते-खेलते परिवार की थीं। अपराधियों ने साक्ष्य मिटाने और पहचान छिपाने के लिए पति, पत्नी और दो मासूम बच्चों की बेरहमी से हत्या की, फिर उनके शवों को कसाई की तरह टुकड़ों में काटकर धड़ से सिर अलग कर दिए। पुलिस ने इस खौफनाक ‘ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री’ का पर्दाफाश करते हुए मृतक के सगे भाई को हिरासत में लिया है, जिसकी निशानदेही पर नदी से पति-पत्नी के कटे हुए सिर बरामद कर लिए गए हैं।

आंगनबाड़ी के यूनिफॉर्म ने खोला मर्डर मिस्ट्री का राज, ऐसे मिली ‘मास्टर चाबी’

बिना सिर और टुकड़ों में बंटी लाशों की पहचान करना कैमूर पुलिस के लिए एक बेहद अंधा मोड़ और बड़ी चुनौती बना हुआ था। लेकिन कातिल चाहे कितना भी शातिर हो, कोई न कोई सुराग छोड़ ही जाता है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ। सूटकेस में बंद एक बच्चे के शव के पास पुलिस को आंगनबाड़ी का एक ड्रेस मिला, जिस पर ‘रामगढ़ सिलाई दुकान’ का टैग लगा हुआ था। पुलिस ने इसी धागे को पकड़ा और रामगढ़ इलाके के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की कुंडली खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि एक बच्चा पिछले कई दिनों से केंद्र नहीं आ रहा है। जब पुलिस उस बच्चे के घर पहुंची, तो वहां सन्नाटा पसरा हुआ था और मुख्य दरवाजे पर बाहर से ताला लटका था।

5 दिनों से लापता था पूरा परिवार, शक होते ही एसपी ने सील किया घर

आंगनबाड़ी के सुराग से आगे बढ़ते हुए पुलिस को पता चला कि डहरक गांव के रहने वाले कृष्ण मुरारी (35) अपनी पत्नी और बच्चों समेत पिछले 5-6 दिनों से अचानक रहस्यमयी तरीके से गायब हैं। पड़ोसियों को लगा कि परिवार कहीं बाहर गया है, लेकिन उनके मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ आ रहे थे। कैमूर एसपी हरि मोहन शुक्ला ने मामले की गंभीरता और कड़ियों को जोड़ते हुए फौरन उस मकान को संदिग्ध मानकर सील करवा दिया। जब फोरेंसिक टीम के साथ घर का ताला खोला गया, तो अंदर कत्लेआम के खौफनाक साक्ष्य मिले, जिससे साफ हो गया कि इसी चारदीवारी के भीतर इस खूनी खेल को अंजाम दिया गया था।

जमीन या आपसी रंजिश? हिरासत में सगा भाई, बच्चों के सिर की तलाश जारी

मोहनिया एसडीपीओ प्रदीप कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस वीभत्स हत्याकांड को मृतक कृष्ण मुरारी के सगे भाई ने अपने 3-4 साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी भाई को हिरासत में ले लिया है। उसकी कड़ी पूछताछ और निशानदेही पर शनिवार को दुर्गावती नदी से कृष्ण मुरारी और उनकी पत्नी के कटे हुए सिर बरामद कर लिए गए हैं। हालांकि, दोनों मासूम बच्चों के कटे सिर अभी तक नहीं मिले हैं, जिनकी तलाश में गोताखोरों की मदद से नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हत्या के पीछे पारिवारिक या संपत्ति का विवाद हो सकता है।

सूटकेस से शुरू हुआ था लाशों के मिलने का सिलसिला

इस रूह कपा देने वाली घटना की शुरुआत बीते 10 मई को हुई थी, जब रामगढ़ और मोहनिया थाना क्षेत्र के बॉर्डर पर स्थित दुर्गावती नदी के पुल के नीचे स्थानीय लोगों ने दो लावारिस सूटकेस देखे। जब पुलिस ने उन्हें खोला, तो उसमें इंसानी शरीर के टुकड़े भरे हुए थे। इसके ठीक दो दिन बाद यानी 12 मई को उसी नदी के किनारे से बोरे में बंद कुछ और कटे हुए अंग बरामद हुए। अपराधियों ने सोचा था कि वे लाश के टुकड़े कर बच निकलेंगे, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी और एक छोटे से दर्जी के टैग ने इस सनसनीखेज नरसंहार का पर्दाफाश कर दिया।

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