नई दिल्ली/अमरावती: आंध्र प्रदेश की चंद्रबाबू नायडू सरकार ने राज्य के नागरिकों के लिए एक बेहद चौंकाने वाला और अनोखा फैसला लिया है। प्रदेश में लगातार गिरती जन्मदर और बुजुर्गों की बढ़ती आबादी से चिंतित मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अब ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले परिवारों को नकद प्रोत्साहन राशि देने का बड़ा ऐलान किया है। सरकार की इस नई योजना के तहत अब परिवार में तीसरा बच्चा होने पर 30,000 रुपये और चौथा बच्चा होने पर 40,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इससे पहले सरकार ने दूसरे बच्चे के जन्म पर भी 25,000 रुपये कैश देने का संकेत दिया था, हालांकि उस पर अभी पूरी तरह से नीति स्पष्ट होना बाकी है।
घटती जनसंख्या पर सीएम चंद्रबाबू नायडू ने जताई गहरी चिंता
नरसन्नापेटा में आयोजित ‘स्वर्ण आंध्र–स्वच्छ आंध्र’ कार्यक्रम के दौरान जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य की जनसांख्यिकी (Demography) को लेकर अपनी गंभीर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि राज्य में जनसंख्या वृद्धि दर तेजी से नीचे जा रही है, जो भविष्य के विकास के लिए एक बड़ा खतरा बन सकती है। सीएम ने जोर देकर कहा कि हमें अपनी सोच बदलनी होगी; बच्चों को परिवार या समाज पर बोझ नहीं, बल्कि देश की असली संपत्ति माना जाना चाहिए। इसी सोच को बढ़ावा देने और लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने सीधे बैंक खाते में कैश ट्रांसफर करने वाली इस नई स्कीम की घोषणा की है।
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अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बेहद ईमानदारी से स्वीकार किया कि अतीत में वह खुद कम बच्चे पैदा करने यानी परिवार नियोजन के बड़े समर्थक रहे हैं। सीएम नायडू ने कहा, “मैंने इस विषय पर कई बार गहराई से सोचा है। एक दौर था जब मैंने खुद आंध्र प्रदेश में परिवार नियोजन की दिशा में आक्रामक तरीके से काम किया था। लेकिन आज स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। युवा आबादी कम हो रही है और बुजुर्गों की संख्या बढ़ रही है। अब बच्चे हमारी सबसे बड़ी संपत्ति हैं, और हमें उनके सुरक्षित भविष्य के लिए आज ही काम करना होगा। इसी दूरगामी सोच के साथ मैंने यह नया फैसला लिया है कि तीसरे बच्चे के जन्म पर 30,000 रुपये और चौथे बच्चे के जन्म पर 40,000 रुपये की सहायता राशि तुरंत मुहैया कराई जाएगी।” सरकार के इस कदम को दक्षिणी राज्यों में जनसांख्यिकीय संतुलन बनाए रखने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।














