UP Government Big Decision: यूपी में हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम लागू, इन कंपनियों में लागू होगी नई व्यवस्था

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग ने रविवार को एक बेहद अहम बैठक बुलाई, जिसमें राज्य की कार्यसंस्कृति और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कई क्रांतिकारी फैसले लिए गए। इस बैठक में सबसे बड़ा निर्णय कर्मचारियों को हफ्ते में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ (Work From Home) की सुविधा देने का किया गया है। इसके अलावा, सरकारी और निजी दफ्तरों के खुलने के समय में बदलाव करते हुए उन्हें अलग-अलग शिफ्टों में संचालित करने पर भी सहमति बनी है। श्रम विभाग ने इस बड़े बदलाव को लेकर विस्तृत गाइडलाइन भी जारी कर दी है।

बड़े संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों पर लागू होगा नियम

श्रम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, हफ्ते में दो दिन घर से काम करने की यह व्यवस्था प्रदेश के सभी बड़े संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों में अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी। इसके पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर लगने वाले ट्रैफिक को कम करना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना है। गाइडलाइन में साफ कहा गया है कि अब कार्यालय एक तय समय पर खुलने के बजाय अलग-अलग शिफ्टों में खोले जाएंगे, ताकि एक ही समय पर सड़कों और सार्वजनिक परिवहन पर दबाव न बढ़े।

पश्चिम एशिया संकट और पेट्रोल-डीजल की किल्लत बनी वजह

श्रम विभाग की यह हाई-लेवल मीटिंग ऐसे संवेदनशील समय पर हुई है, जब पश्चिम एशिया में गहराते संकट के कारण वैश्विक स्तर पर पेट्रोल और डीजल की सप्लाई प्रभावित हो रही है और ईंधन का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार ने भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए समय रहते यह बड़ा कदम उठाया है, जिससे न केवल ईंधन की भारी बचत होगी बल्कि कर्मचारियों को भी सहूलियत मिलेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तैयार किया था पूरा खाका

दरअसल, इस पूरे फैसले की नींव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद १३ मई को आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में ही रख दी थी। इस बैठक में सीएम योगी ने खुद उत्तर प्रदेश में हाइब्रिड कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने, ईंधन बचाने और सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का एक बड़ा प्रस्ताव मंत्रियों के सामने रखा था।

५० से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों के लिए गाइडलाइन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक के दौरान विशेष रूप से निर्देश दिए थे कि जिन कंपनियों या संस्थानों में ५० से अधिक कर्मचारी काम करते हैं, वहां सप्ताह में कम से कम दो दिन वर्क फ्रॉम होम (WFH) की हाइब्रिड व्यवस्था को हर हाल में लागू किया जाए। सीएम के इसी विजन को अमलीजामा पहनाने के लिए अब श्रम विभाग ने रविवार को बैठक कर इस पर अंतिम मुहर लगा दी है।

मंत्रियों और अफसरों को भी मानने होंगे ईंधन बचत के कड़े नियम

ईंधन बचत महाअभियान के तहत केवल निजी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र के लिए भी बेहद कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत मंत्रियों और नौकरशाहों (IAS/PCS अधिकारियों) के सरकारी वाहनों के बेड़े (फ्लीट) में ५० प्रतिशत तक की कटौती करने को कहा गया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के लिए यह भी प्रस्ताव रखा है कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन मेट्रो, बस, ई-रिक्शा या कारपूलिंग जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। आगामी ६ महीनों तक सभी तरह की विदेश यात्राओं पर रोक लगाने और फिजिकल मीटिंग्स की जगह वर्चुअल और डिजिटल मीटिंग्स को प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया है।

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