बहराइच में मासूम की हत्या का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर होने से बचा, पैर में लगी गोली, मक्के के खेत में मिला था शव

बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। खैरीघाट थाना क्षेत्र में एक मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने एक बेहद नाटकीय घटनाक्रम के बाद मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की कस्टडी से चकमा देकर भागे इस शातिर अपराधी ने खुद को घिरा देख खाकी पर ही गोलियां बरसा दीं। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ चलाई गई जवाबी गोली आरोपी के पैर में लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। घायल आरोपी को तत्काल नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) शिवपुर में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उसके पास से वारदात में इस्तेमाल अवैध असलहा भी बरामद कर लिया है।

मक्के के खेत में मिली थी कक्षा 3 की लापता छात्रा की लाश

इस खौफनाक मामले की शुरुआत शुक्रवार को हुई थी। पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, खैरीघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मथुरा के निवासी मेवा लाल ने 15 मई 2026 की देर शाम स्थानीय थाने में एक बेहद चिंताजनक सूचना दी। उन्होंने बताया कि उनकी कक्षा 3 में पढ़ने वाली मासूम नातिन अचानक घर से लापता हो गई है। मासूम बच्ची के गायब होने की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और बच्ची की तलाश के लिए जाल बिछा दिया। अगले दिन यानी शनिवार, 16 मई 2026 को सर्च ऑपरेशन के दौरान गांव के पास ही स्थित एक मक्के के खेत से लापता बच्ची का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। शव मिलते ही इलाके में कोहराम मच गया। पुलिस ने तत्काल शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया।

पुलिस हिरासत से चकमा देकर रफूचक्कर हुआ था शातिर हत्यारा

मासूम की हत्या की इस संवेदनशील गुत्थी को सुलझाने के लिए बहराइच पुलिस ने मैन्युअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का सहारा लिया। कड़ियां जोड़ते हुए जांच की सुई गांव के ही रहने वाले अरुण पुत्र छोटेलाल पर जाकर टिकी। पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए संदिग्ध अरुण को हिरासत में ले लिया और कड़ाई से पूछताछ शुरू की। पुलिसिया पूछताछ के आगे आरोपी ज्यादा देर टिक नहीं सका और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने हत्या के वक्त पहने हुए खून से सने कपड़े एक जगह छिपा रखे हैं। शनिवार की शाम करीब 7 बजे जब खैरीघाट पुलिस की एक टीम आरोपी अरुण को साथ लेकर उन कपड़ों की बरामदगी के लिए अलीनगर इलाके की तरफ जा रही थी, तभी शातिर आरोपी पुलिसकर्मियों को चकमा देकर कस्टडी से भाग निकला।

घेराबंदी के दौरान चेकिंग कर रही पुलिस टीम पर झोंक दी फायरिंग

एक मर्डर केस के आरोपी के पुलिस हिरासत से भागने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई, जिससे पुलिस महकमे के आला अधिकारियों के कान खड़े हो गए। फरार आरोपी की दोबारा गिरफ्तारी के लिए आनन-फानन में कई विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया और पूरे इलाके की नाकेबंदी कर दी गई। शनिवार की रात करीब 9 बजे जब पुलिस टीम सोबतिया मोड़ इमामगंज बंधा के पास मुस्तैदी से चेकिंग अभियान चला रही थी, तभी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग रहा आरोपी अरुण वहां आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम ने जब उसे ललकारते हुए रुकने का इशारा किया, तो खुद को चारों तरफ से घिरा पाकर आरोपी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय अपने पास छिपे तमंचे से सीधे पुलिस बल पर जानलेवा फायरिंग झोंक दी।

आत्मरक्षार्थ पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में लगी गोली

आरोपी की तरफ से हुई अचानक फायरिंग के बाद पुलिस टीम ने भी बिना वक्त गंवाए अपनी पोजीशन संभाली। पुलिस जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षार्थ और आरोपी को लाइव पकड़ने के उद्देश्य से जवाबी फायरिंग की। पुलिस की तरफ से चली गोली सीधे आरोपी अरुण के पैर में जा लगी, जिससे वह चीखते हुए जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस टीम ने बिना देर किए उसे मौके पर ही दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया 12 बोर का एक अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद किया है। पुलिस के उच्चाधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ पुलिस टीम पर हमला करने और कस्टडी से भागने का एक और मामला दर्ज कर आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है, साथ ही मासूम बच्ची की हत्या के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए गहन विश्लेषण किया जा रहा है।

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