अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने बैंकिंग जगत और सुरक्षा व्यवस्था के दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। यहां भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के करेंसी चेस्ट (नोटों के खजाने) से करीब ₹8.70 करोड़ की भारी-भरकम रकम चोरी होने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल चोरी को किसी बाहरी शातिर चोर ने नहीं, बल्कि बैंक के ही एक वफादार कर्मचारी ने अंजाम दिया था। पुलिस ने इस मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा के एक जूनियर जॉइंट कस्टोडियन को गिरफ्तार किया है, जिसने चोरी की इस रकम को ऐशो-आराम की चीजें खरीदने, आलीशान प्रॉपर्टी और क्रिप्टोकरेंसी में ठिकाने लगा दिया था।

‘बक्सों में कचरा है’… कहकर आंखों के सामने से पार कर दिए करोड़ो रुपये
पुलिस की तफ्तीश में जो कहानी सामने आई है, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है। आरोपी की पहचान हर्षिद्द कडियार के रूप में हुई है, जो बैंक ऑफ बड़ौदा की गांधी रोड शाखा में जूनियर जॉइंट कस्टोडियन के पद पर तैनात था। इसी शाखा के भीतर ही आरबीआई (RBI) का मुख्य करेंसी चेस्ट भी मौजूद है।
तारीख 13 जनवरी की थी, जब रात करीब 9:12 बजे हर्षिद्द ने दो कॉन्ट्रैक्ट मजदूरों की मदद ली और लोहे के बड़े-बड़े बक्सों में कैश भरकर उन्हें ट्रॉली पर लाद दिया। जब बैंक के दूसरे स्टाफ ने उससे पूछताछ की, तो उसने बेहद शातिर अंदाज में मुस्कुराते हुए कहा कि ‘इन बक्सों में रद्दी और कचरा भरा है, इसे बाहर फिंकवाने जा रहा हूं।’ इस बहाने से वह सुरक्षाकर्मियों की आंखों के सामने से करोड़ों रुपये लेकर रफूचक्कर हो गया।
सीसीटीवी (CCTV) डिलीट होने का कर रहा था इंतजार, ऐसे खुला राज
चोरी को अंजाम देने के बाद आरोपी हर्षिद्द कडियार ने नौकरी नहीं छोड़ी। वह बेहद सामान्य तरीके से 20 अप्रैल तक लगातार 3 महीने रोजाना ड्यूटी पर आता रहा, ताकि किसी को उस पर रत्ती भर भी शक न हो। दरअसल, उसके दिमाग में एक बहुत बड़ा वहम था। उसे लग रहा था कि बैंक के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज का बैकअप केवल 90 दिनों का होता है और 90 दिन बीत जाने के बाद पुराना डेटा अपने आप डिलीट हो जाएगा।
जब 90 दिन पूरे हो गए, तो वह एक लंबी मेडिकल छुट्टी पर चला गया। लेकिन उसका यह प्लान पूरी तरह फ्लॉप साबित हुआ। आरबीआई के एक आगामी निरीक्षण (Inspection) से पहले जब करेंसी चेस्ट के नए प्रभारी ने नियमित जांच की, तो नोटों की भारी कमी पकड़ी गई। इसके बाद 15 मई को अहमदाबाद के कालूपुर पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई और जब बारीकी से पुराने सीसीटीवी खंगाले गए, तो 13 जनवरी की रात हर्षिद्द का पूरा काला चिट्ठा सामने आ गया।
मनाली में मना रहा था छुट्टियां, घर के नीचे खड़ी कार की डिक्की से मिले ₹2.20 करोड़
जैसे ही पुलिस ने हर्षिद्द की तलाश शुरू की, पता चला कि वह इस समय पुलिस की गिरफ्त से दूर अपने परिवार के साथ मनाली की वादियों में छुट्टियां मना रहा है। पुलिस ने बिना देर किए अहमदाबाद के चांदखेड़ा स्थित उसके घर पर छापा मारा। आरोपी के लौटने से पहले ही पुलिस ने उसके घर के नीचे खड़ी उसकी पर्सनल कार की डिक्की को खोला, तो अधिकारियों की आंखें फटी की फटी रह गईं। कार की डिक्की से बकायदा ₹2.20 करोड़ कैश बरामद हुआ। इसके बाद जाल बिछाकर 22 मई को सोला इलाके से आरोपी को दबोच लिया गया, जिसे अदालत ने 27 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
चोरी के पैसों से खरीदा आलीशान बंगला, दुकान और क्रिप्टोकरेंसी में भी किया निवेश
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह पिछले 15 सालों से बैंक में काम कर रहा था और अब बहुत ही कम समय में एक बेहद आरामदेह और आलीशान जिंदगी जीना चाहता था। उसने बताया कि ₹8.70 करोड़ में से करीब ₹4 करोड़ वह अब तक खर्च कर चुका है। चोरी के पैसों से उसने चांदखेड़ा में एक आलीशान बंगला, अहमदाबाद में एक कमर्शियल दुकान और एक बड़ी गाड़ी खरीदी थी।
यही नहीं, उसने अपनी एक महिला सहकर्मी को भी मकान खरीदने के लिए ₹23 लाख का ऑनलाइन ट्रांसफर और ₹5 लाख नकद दिए थे। इसके अलावा, पुलिस को पता चला है कि उसने ब्लैक मनी को व्हाइट करने और दोगुना करने के चक्कर में इस रकम का एक बहुत बड़ा हिस्सा क्रिप्टोकरेंसी मार्केट (Digital Currency) में भी इनवेस्ट कर दिया था।
रेलवे पुलिस में हेड कांस्टेबल है पत्नी, अब पूरी फैमिली रडार पर
इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपी हर्षिद्द कडियार की पत्नी रेलवे पुलिस (GRP) में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात है। पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या करोड़ों रुपये की इस महाचोरी में उसकी पुलिसकर्मी पत्नी भी शामिल थी या उसे इस काली कमाई की भनक थी।
इसके साथ ही, पुलिस ने पैसों के लेन-देन और ट्रांसफर से जुड़े दो अन्य संदिग्धों—सुल्तान और जुल्फिकार को भी हिरासत में ले लिया है, जिनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही क्रिप्टोकरेंसी में लगाए गए पैसों और बाकी बची रकम को भी रिकवर कर लिया जाएगा।

पुलिस हिरासत में बैंककर्मी आरोपी हर्षिद्द कडियार।
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