
बिल्हौर (कानपुर): उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद हैरान और परेशान करने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। आगामी त्योहार बकरीद से पहले अपनी सालभर की मेहनत को बेचकर अच्छे मुनाफे की उम्मीद लगाए बैठे एक बुजुर्ग किसान पर बदमाशों ने काल बनकर धावा बोल दिया। बदमाशों ने न सिर्फ बुजुर्ग किसान को बंधक बनाया, बल्कि उनके बाड़े से करीब दो लाख रुपये कीमत की 17 बकरियां लूटकर रफूचक्कर हो गए। इस खौफनाक वारदात के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है, जबकि इलाके के किसानों में भारी आक्रोश है।
आंधी और अंधेरे का फायदा उठाकर पहुंचे आधा दर्जन हथियारबंद बदमाश
दिलदहला देने वाली यह घटना बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र के बरौली गांव की है। गांव के निवासी रामविलास (62 वर्ष) पुत्र दीनदयाल एक साधारण किसान हैं। उन्होंने गांव के बाहर अपने खेत पर एक पुराना निर्माण (कोठरी) कर रखा है, जहां वे अपनी गाय, भैंस और बकरियों को पालते हैं। पशुओं की सुरक्षा के लिए रामविलास या उनके परिवार का कोई न कोई सदस्य रोजाना रात में वहीं सोता है। गत सोमवार की रात करीब 11:30 बजे, जब इलाके में तेज आंधी चल रही थी और चारों तरफ घाना अंधेरा था, तभी अचानक आधा दर्जन अज्ञात बदमाश खेत पर आ धमके।
चारपाई समेत बुजुर्ग को कोठरी में किया बंद, फिर की लूटपाट
पीड़ित रामविलास ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि बदमाशों ने आते ही सबसे पहले उन्हें जान से मारने की धमकी दी और जबरन खींचकर कोठरी के अंदर ले गए। बदमाशों की हैवानियत यहीं नहीं रुकी, उन्होंने बुजुर्ग को चारपाई समेत उठाकर कोठरी के भीतर डाल दिया और उन्हें चारपाई से ही कसकर बांध दिया। इसके बाद बदमाशों ने कोठरी का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। वारदात के दौरान एक बदमाश लगातार कोठरी के बाहर रामविलास पर नजर रखे रहा, जबकि उसके बाकी साथियों ने बाड़े में घुसकर एक-एक कर सभी 17 बकरियों को खोल लिया और उन्हें लेकर फरार हो गए।
शोर सुनकर दौड़े ग्रामीण, मौके से मिले संदिग्ध दस्तावेज
बदमाशों के मौके से भाग जाने के बाद रामविलास ने किसी तरह खुद को छुड़ाने का प्रयास किया और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू किया। सन्नाटे में चीख-पुकार सुनकर उनके परिजन और आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने तुरंत कोठरी का दरवाजा खोलकर रामविलास को बाहर निकाला। घटना की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस और ग्रामीणों ने देर रात तक आसपास के जंगलों और रास्तों पर बदमाशों की तलाश की, लेकिन शातिर लुटेरों और बकरियों का कोई सुराग नहीं लग सका। हालांकि, छानबीन के दौरान घटनास्थल के पास से कुछ संदिग्ध दस्तावेज पड़े मिले हैं, जिन्हें ग्रामीणों ने पुलिस के हवाले कर दिया है।
त्योहार से पहले टूटा दुखों का पहाड़, आर्थिक संकट में परिवार
पीड़ित रामविलास ने रोते हुए बताया कि चोरी की गई बकरियों की कुल कीमत करीब दो लाख रुपये थी। वे सालभर से दिन-रात एक करके इन्हें पाल रहे थे ताकि बकरीद के मौके पर इन्हें बाजार में बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकें और अपने परिवार की जरूरतों को पूरा कर सकें। लेकिन इस बड़ी वारदात ने उनकी सालभर की गाढ़ी कमाई पर पानी फेर दिया है। त्योहार से ठीक पहले हुए इस भारी आर्थिक नुकसान के कारण पूरे परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
जल्द सलाखों के पीछे होंगे आरोपी: एसीपी
इस सनसनीखेज लूटपाट के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
“घटनास्थल से पुलिस को कुछ बेहद अहम और पुख्ता साक्ष्य बरामद हुए हैं। इन सबूतों के आधार पर मामले की गहनता से जांच की जा रही है। बहुत जल्द ही इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पीड़ित को न्याय मिलेगा।”
— सुभाष चंद्र, एसीपी (बिल्हौर)








