पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की नई सरकार अवैध घुसपैठियों के खिलाफ पूरी तरह से आक्रामक रुख अपना चुकी है। विधानसभा में बोलते हुए सीएम सुवेंदु अधिकारी ने साफ कर दिया है कि राज्य सरकार केंद्र की ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ (खोजो, नाम हटाओ और बाहर निकालो) की नीति पर बेहद कड़ाई से आगे बढ़ रही है और इससे किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटा जाएगा। मुख्यमंत्री ने सदन के सामने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि अब तक कितने अवैध घुसपैठियों को वापस बांग्लादेश भेजा जा चुका है।
मात्र डेढ़ महीने में 10 हजार बांग्लादेशी घुसपैठिए भेजे गए वापस
विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बंगाल में नई सरकार के गठन के महज डेढ़ महीने के भीतर ही बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने तत्परता दिखाते हुए लगभग 10,000 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को सीमा पार वापस खदेड़ दिया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में 1800 अन्य घुसपैठिए राज्य के 12 अलग-अलग होल्डिंग सेंटरों (Holding Centers) में रखे गए हैं, जिन्हें कागजी प्रक्रिया पूरी होते ही बहुत जल्द डिपोर्ट कर दिया जाएगा।
‘जेल में मेहमान नवाजी नहीं होगी, सीधे बॉर्डर पार भेजे जाएंगे घुसपैठिए’
सदन के माध्यम से घुसपैठियों को खुली चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नई सरकार के खौफ और कड़े रुख के चलते बड़ी संख्या में अवैध प्रवासी खुद ही डरकर वापस बांग्लादेश भाग चुके हैं। उन्होंने दोटूक लहजे में कहा, “किसी भी घुसपैठिए को भारतीय जेलों में रखकर सरकारी पैसे पर पालने या सजा देने का कोई सवाल ही नहीं उठता। जैसे ही किसी अवैध प्रवासी की पहचान होगी या गिरफ्तारी होगी, उसे सीधे बीएसएफ के हवाले किया जाएगा ताकि उन्हें तुरंत उनके देश डिपोर्ट किया जा सके।”
असली भारतीय नागरिकों को डरने की जरूरत नहीं, चाहे उनका धर्म कोई भी हो
अवैध प्रवासियों पर प्रहार करने के साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य के वैध नागरिकों को पूरी सुरक्षा का भरोसा दिलाया। सीएम सुवेंदु ने कहा कि भारत के असली नागरिकों को तनिक भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, चाहे वे किसी भी धर्म, जाति या समुदाय से ताल्लुक रखते हों या उनका राजनीतिक झुकाव किसी भी पार्टी की तरफ हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल और केवल भारतीय नागरिकों को ही मिलेगा। किसी भी अवैध घुसपैठिए को भारतीय करदाताओं के पैसे और सरकारी खजाने पर डाका डालने नहीं दिया जाएगा।
‘इतने सालों तक कंटीले तारों के लिए जमीन क्यों नहीं दी?’— पिछली TMC सरकार पर बरसे सुवेंदु
मुख्यमंत्री ने सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने तीखा सवाल दागते हुए पूछा कि आखिर इतने सालों तक पिछली सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर कंटीले तार (Fencing) लगाने और पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के लिए बीएसएफ को जमीन क्यों नहीं मुहैया कराई? अपनी सरकार की पीठ थपथपाते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि हमने सत्ता संभालते ही डेढ़ महीने से भी कम समय में बीएसएफ को सीमा सुरक्षा के लिए 142.79 एकड़ जमीन हस्तांतरित कर दी है। अब अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने का काम सुपरफास्ट गति से पूरा किया जाएगा।















