बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के काले कारोबार के खिलाफ पुलिस और जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और कड़ी कार्रवाई की है। शासन के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने “ऑपरेशन दहन” के अंतर्गत भारी मात्रा में नशीले पदार्थों को पूरी तरह नष्ट (विनष्टीकरण) कर दिया है। नष्ट किए गए इन मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 9 करोड़ 32 लाख रुपये बताई जा रही है। इस बड़ी कार्रवाई से नशा तस्करों के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।
62 मुकदमों का माल हुआ खाक, 191 किलोग्राम से अधिक थी मात्रा
बहराइच पुलिस प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिले के विभिन्न थानों में पिछले समय के दौरान आर्म्स और एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत कुल 62 अभियोग (मुकदमे) दर्ज किए गए थे। इन मामलों में तस्करों के पास से कुल 191.46 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ जब्त किए गए थे।
इस मालखाने में जमा भारी खेप को डिस्पोज करने के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया था। कोर्ट और विधिक प्रक्रिया के आदेश के बाद, बरामद की गई अवैध स्मैक, चरस और भारी मात्रा में गांजे को एक जगह एकत्रित किया गया और पूरी पारदर्शिता के साथ जलाकर पूरी तरह समाप्त कर दिया गया।
बलरामपुर की चीनी मिल में भारी सुरक्षा के बीच हुआ विनष्टीकरण
मादक पदार्थों को नष्ट करने की यह पूरी गोपनीय और संवेदनशील प्रक्रिया पड़ोसी जनपद बलरामपुर के भगवतीगंज स्थित चीनी मिल परिसर में अंजाम दी गई। सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजामों के बीच बहराइच और बलरामपुर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, मजिस्ट्रेट और पुलिस कप्तानों की संयुक्त मौजूदगी में नशीले पदार्थों को भट्टी में डालकर नष्ट करने की प्रक्रिया (Destruction Process) को सफलतापूर्वक पूरा कराया गया। इस दौरान पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी भी कराई गई ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
समाज को नशामुक्त बनाने के लिए आगे भी जारी रहेगा एक्शन
कार्रवाई में शामिल वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि “ऑपरेशन दहन” का मुख्य उद्देश्य बहराइच और आसपास के सीमावर्ती जिलों में सक्रिय अवैध नशे के नेटवर्क की कमर तोड़ना है। इस तरह के बड़े एक्शन से समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक बेहद ठोस और कड़ा संदेश जाएगा।
प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि नेपाल बॉर्डर से सटे होने के कारण बहराइच में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर पुलिस की 24 घंटे पैनी नजर है। आने वाले दिनों में भी तस्करों के खिलाफ यह सख्त अभियान इसी तरह जारी रहेगा और पकड़े जाने पर दोषियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और संपत्ति कुर्क करने जैसी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।













