इस्लामाबाद। पड़ोसी देश पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत से एक बेहद दर्दनाक और बड़ा सड़क हादसा सामने आया है। यहां क्वेटा से आ रही एक तेज रफ्तार यात्री बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में कम से कम 40 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। यह भीषण दुर्घटना बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा (KP) प्रांत की सीमा के पास शेरानी जिले में हुई है। घटना के बाद से ही दोनों प्रांतों में चीख-पुकार और मातम का माहौल है।
सफर के बीच में ही काल के गाल में समा गई बस
पाकिस्तानी प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार को बलूचिस्तान के शेरानी जिले के अंतर्गत आने वाले धनसार इलाके में हुआ। यात्री बस बलूचिस्तान के क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के डेरा इस्माइल खान की तरफ जा रही थी। जैसे ही बस सीमावर्ती पहाड़ी रास्ते पर पहुंची, चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और बस सीधे गहरी खाई में जा गिरी।
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के मीडिया और राजनीतिक मामलों के सलाहकार शाहिद रिंद ने इस भीषण हादसे की पुष्टि की है। उन्होंने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस दिल दहला देने वाले हादसे में अब तक 40 यात्रियों की जान जा चुकी है, जबकि आठ लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया है।”
हाईवे पर खराब हुई दूसरी बस के यात्री भी हुए थे सवार
इस भीषण दुर्घटना को लेकर एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। शेरानी के डिप्टी कमिश्नर (DC) वली खान काकर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह बस शुरुआती सफर में केवल 36 यात्रियों को लेकर क्वेटा से रवाना हुई थी। लेकिन रास्ते में एक दूसरी बस खराब खड़ी थी, जिसके परेशान यात्रियों को भी इसी बस में बैठा लिया गया।
वहीं दूसरी तरफ, खैबर पख्तूनख्वा (KP) रेस्क्यू 1122 विभाग द्वारा जारी बयान के मुताबिक, जब यह बस खाई में गिरी, तब उसमें कुल 48 लोग सवार थे। यही वजह है कि हादसे में मरने वालों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई।
दो प्रांतों की पुलिस और रेस्क्यू टीमें राहत कार्य में जुटीं
हादसे की सूचना मिलते ही बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने गहरा दुख जताते हुए आपातकालीन बैठक बुलाई और तुरंत युद्ध स्तर पर बचाव कार्य शुरू करने के आदेश दिए। चूंकि दुर्घटना दोनों राज्यों की सीमा पर हुई, इसलिए बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा दोनों ही प्रांतों का जिला प्रशासन, झोब इमरजेंसी सर्विस और रेस्क्यू 1122 की टीमें भारी लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुंच गईं।
गहरी खाई होने के कारण शवों और घायलों को बाहर निकालने में रेस्क्यू टीमों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सरकार की ओर से कहा गया है कि घायलों को बेहतरीन इलाज मुहैया कराया जा रहा है और इस दर्दनाक घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके।













