मुंबई में आफत की बारिश: पूर्व डिप्टी मेयर के बेटे समेत 2 मासूमों की पेड़ गिरने से दर्दनाक मौत, मानसून बना काल

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई समेत उसके आस-पास के इलाकों में आसमानी आफत यानी भारी बारिश ने हाहाकार मचा रखा है। लगातार हो रही मूसलाधार बरसात के कारण सड़कें समंदर बन चुकी हैं, गड्ढे छिपे हुए हैं और खुले मैनहोल राहगीरों के लिए मौत का कुआं साबित हो रहे हैं। इसी बीच, कमजोर होकर गिर रहे पेड़ मासूम जिंदगियों को निगल रहे हैं। मुंबई से सटे मीरा-भायंदर इलाके से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां चलती बाइक पर अचानक भारी-भरकम नारियल का पेड़ गिरने से एक युवक की मौत हो गई। वहीं मुंबई के चेंबूर में भी एक मासूम छात्र इसी लापरवाही की भेंट चढ़ गया।

चलती बाइक पर गिरा नारियल का पेड़, पूर्व डिप्टी मेयर के इकलौते बेटे ने तोड़ा दम

दिल दहला देने वाला यह पहला मामला मीरा-भायंदर के राई गांव का है। दो दिन पहले भारी बारिश के बीच 35 वर्षीय राहुल अशोक पाटिल अपनी बाइक से कहीं जा रहे थे। तभी अचानक सड़क किनारे लगा एक विशालकाय नारियल का पेड़ उनकी चलती बाइक पर आ गिरा। पेड़ इतना भारी था कि राहुल उसके नीचे बुरी तरह दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें पेड़ के नीचे से निकाला। राहुल को अत्यंत गंभीर हालत में अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका और शुक्रवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक राहुल पाटिल मीरा-भायंदर नगर परिषद के पूर्व डिप्टी मेयर (उप नगराध्यक्ष) अशोक पाटिल के बेटे थे। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है।

चेंबूर में स्कूल बस पर गिरा पीपल का पेड़, 11 साल के इकलौते चिराग की मौत

पेड़ गिरने से मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले बीते 30 जून को मुंबई के चेंबूर (पूर्व) इलाके में भी एक ऐसा ही रूह कंपा देने वाला हादसा हुआ था। यहां डायमंड गार्डन के पास स्थित 11वीं रोड पर एक भारी-भरकम पीपल का पेड़ अचानक उखड़कर यूनिवर्सल स्कूल की बस पर जा गिरा। उस वक्त बस में बच्चे सवार थे। इस भीषण हादसे में 11 साल के मासूम छात्र विहान श्रीवास्तव की मलबे में दबने से मौत हो गई। विहान अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। बिलखते परिजनों ने बताया कि विहान को क्रिकेट खेलने का बेहद शौक था, इसलिए उन्होंने उसकी पसंदीदा क्रिकेट बॉल को भी उसके शव के साथ ही दफन कर दिया।

बीएमसी और स्थानीय प्रशासन के दावों की खुली पोल, दहशत में मुंबईकर

इन दोनों ही दर्दनाक हादसों ने मुंबई और उसके आस-पास के नगर निगमों (BMC & MBMC) के मानसून पूर्व तैयारियों के दावों की पोल खोलकर रख दी है। हर साल मानसून से पहले कमजोर और खतरनाक पेड़ों की छंटाई का दावा किया जाता है, लेकिन धरातल पर लापरवाही साफ नजर आ रही है। लगातार हो रही बारिश से मिट्टी ढीली हो चुकी है, जिससे भारी पेड़ सड़कों पर गिर रहे हैं। जलजमाव, खुले मैनहोल और कमजोर पेड़ों के चलते अब मुंबईकरों का सड़क पर निकलना दूभर हो गया है। जनता में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।’

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