
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर एक हंसती-खेलती शादी महज कुछ ही हफ्तों में मातम में तब्दील हो गई। लोधी कॉलोनी इलाके में रहने वाली 28 वर्षीय आकृति सुतार की संदेहास्पद मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पिछले कुछ महीनों में देश के भीतर यह इस तरह का तीसरा हाई-प्रोफाइल मामला है, जिसने एक बार फिर गंभीर बहस को हवा दे दी है। इस मामले में आकृति का परिवार शुरू से ही एक ही बात पर अड़ा है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या है।
शादी को नहीं हुए थे 2 महीने, NDMC फ्लैट्स में हुआ खौफनाक अंत
अभी आकृति की शादी को दो महीने भी पूरे नहीं हुए थे कि शनिवार की शाम पालिका कुंज स्थित एनडीएमसी (NDMC) फ्लैट्स की एक इमारत से नीचे गिरकर उसकी दर्दनाक मौत हो गई। दिल्ली पुलिस इस पूरे मामले को हर संभावित एंगल से खंगाल रही है, लेकिन मृतका के परिवार का रुख पूरी तरह साफ है। वे किसी भी कीमत पर पुलिस की ‘सुसाइड थ्योरी’ को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं और इसे सीधे तौर पर साजिश का हिस्सा मान रहे हैं।
जिस दिन गई जान, उसी दिन ऑफिस में मनाई थी खुशियां
इस दुखद घटना से ठीक पहले की जो कहानी सामने आ रही है, वह बेहद हैरान और विचलित करने वाली है। परिवार के सदस्यों के अनुसार, पति की बेजा जिद और घर में लगातार होने वाले कलेश के चलते आकृति ने कुछ दिनों के लिए ऑफिस जाना बंद कर दिया था। आरोप है कि इस दौरान भी ससुराल में उसके साथ मानसिक और शारीरिक व्यवहार ठीक नहीं था। काफी तनाव के बाद 1 जुलाई को ही उसने दोबारा अपने काम पर लौटना शुरू किया था।
मौत वाले दिन का घटनाक्रम तो और भी चौंकाता है। शनिवार को ही आकृति ने अपने ऑफिस के सहकर्मियों के साथ मिलकर अपनी शादी की एक छोटी सी सेलिब्रेशन पार्टी रखी थी, जहां वह बेहद खुश दिख रही थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस के हाथ जो सीसीटीवी (CCTV) फुटेज लगी है, उसमें घटना से ठीक पहले आकृति को अकेले ही हाउसिंग सोसाइटी के भीतर दाखिल होते हुए देखा गया है।
सर्च हिस्ट्री से खुला चौंकाने वाला राज: ‘दूसरी मंजिल से गिरने पर मौत होती है या नहीं?’
पुलिसिया जांच में एक ऐसा परेशान करने वाला मोड़ आया है, जिसने जांच अधिकारियों को भी उलझा दिया है। पुलिस के मुताबिक, शनिवार की दोपहर करीब 2:22 बजे आकृति के मोबाइल फोन से एक गूगल सर्च किया गया था। इस सर्च में यह जानने की कोशिश की गई थी कि ‘क्या दूसरी मंजिल से नीचे गिरने पर किसी इंसान की मौत हो सकती है?’
इतना ही नहीं, जब पुलिस ने उसके फोन की मई महीने की पुरानी सर्च हिस्ट्री खंगाली, तो उसमें भी एक बेहद संवेदनशील और डरावना सवाल दर्ज मिला, जिसे अब जांच का मुख्य हिस्सा बनाया गया है। आकृति के फोन से मई में सर्च किया गया था— ‘आसानी से कैसे मरें?’ पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि यह सर्च खुद आकृति ने किया था या इसके पीछे कोई और था।
शाम को बात हुई, फिर फोन बंद हुआ और सीधे आई मौत की खबर
छतरपुर में एक नामी कंपनी में बतौर सेल्स एग्जीक्यूटिव काम करने वाली आकृति मूल रूप से पुष्प विहार इलाके में रह रही थी। परिवार का कहना है कि शनिवार की शाम जब वह ऑफिस से निकल रही थी, तब उनकी आकृति से सामान्य बातचीत हुई थी। लेकिन इस बातचीत के कुछ ही देर बाद अचानक उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया। परिवार वाले जब घबराकर उसे यहां-वहां तलाश रहे थे, तभी उनके पास लोधी कॉलोनी थाना पुलिस का फोन आया। पुलिस ने बताया कि एक सरकारी हाउसिंग कॉम्प्लेक्स की छत से गिरने के कारण आकृति की मौत हो चुकी है।
ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप
इस खौफनाक हादसे के बाद मायके वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिवार अब आकृति के पति और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों पर दहेज उत्पीड़न और हत्या का सीधा आरोप लगा रहा है। उनका साफ कहना है कि आकृति मानसिक रूप से बेहद मजबूत और जिंदादिल लड़की थी। उसके पास ऐसा कोई कारण या डिप्रेशन नहीं था कि वह खुद अपनी जान ले ले। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की गहन तफ्तीश शुरू कर दी है।













