बशीरहाट (उत्तर 24 परगना): पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से एक ऐसी सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने समाज, मर्यादा और प्रेम संबंधों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक 33 वर्षीय शादीशुदा महिला और रिश्ते में उसके 32 वर्षीय भांजे के बीच पनपे कथित प्रेम संबंध की दास्तां का अंत दो संदिग्ध मौतों के साथ बेहद खौफनाक मोड़ पर हुआ. महिला का शव जहां रेलवे ट्रैक के पास क्षत-विक्षत हालत में मिला, वहीं उसका भांजा किराए के कमरे के भीतर मृत पाया गया. एक ही दिन में दोनों प्रेमियों की मौत की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया है. पुलिस इस दोहरी मौत के पीछे छिपे रहस्य को सुलझाने के लिए हर एंगल से जांच कर रही है.
14 साल की शादीशुदा जिंदगी छोड़ भांजे के प्यार में डूबी थी मामी
पुलिस और पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका रुनू मंडल की शादी करीब 14 साल पहले बनगांव इलाके में हुई थी. शादीशुदा जिंदगी ठीक-ठाक चल रही थी, लेकिन रुनू का अक्सर अपने मायके आना-जाना लगा रहता था. इसी दौरान उसकी मुलाकात अपने रिश्ते के भांजे देबाशीष मंडल से हुई. धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और देखते ही देखते यह रिश्ता मर्यादा की दीवारें लांघकर कथित तौर पर गहरे प्रेम संबंध में तब्दील हो गया. जब इस अजीबोगरीब प्रेम कहानी की भनक परिवार वालों को लगी, तो घर में भारी कलह शुरू हो गई. सामाजिक बदनामी और परिवार के कड़े विरोध को देखते हुए दोनों ने अपनों से दूरी बना ली और बशीरहाट इलाके में एक किराए का कमरा लेकर कथित तौर पर लिव-इन रिलेशनशिप (बिना शादी के साथ रहना) में रहने लगे.
कुछ ही घंटों के भीतर मिलीं दो लाशें, दहल उठा पूरा इलाका
बीते दिन बशीरहाट रेलवे स्टेशन के पास उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पटरी के किनारे रुनू मंडल का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया. रेलवे पुलिस अभी इस मामले की तफ्तीश शुरू ही कर रही थी कि बशीरहाट थाना पुलिस को एक और चौंकाने वाली सूचना मिली. खबर थी कि रेलवे स्टेशन के पास ही स्थित एक किराए के मकान में एक युवक अचेत पड़ा है. पुलिस जब तुरंत मौके पर पहुंची तो कमरे का मुख्य दरवाजा अंदर से पूरी तरह लॉक था. पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा और अंदर दाखिल हुई, तो कमरे में देबाशीष मंडल की लाश पड़ी थी. एक ही दिन और कुछ ही घंटों के फासले पर मामी-भांजे की मौत से पूरी पुलिस महकमे में खलबली मच गई.
‘मैंने देबाशीष को मार डाला, अब खुद जान दे दूंगी’— फोन कॉल का रहस्य
इस खौफनाक घटनाक्रम के बाद देबाशीष के परिजनों ने रुनू मंडल पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं. देबाशीष के पिता का दावा है कि उनका बेटा पिछले कुछ समय से इस अवैध रिश्ते और सामाजिक ताने-बाने को लेकर गहरे मानसिक तनाव (Depression) में जी रहा था. उसने हाल ही में अपने पिता को फोन कर रोते हुए घर लौटने और इस रिश्ते को खत्म करने की इच्छा जताई थी.
परिजनों का सबसे सनसनीखेज आरोप यह है कि घटना वाले दिन रुनू मंडल ने देबाशीष के पिता को फोन किया था और कहा था, ‘मैंने देबाशीष को मार डाला है और अब मैं खुद भी अपनी जान देने जा रही हूं.’ हालांकि, पुलिस ने परिजनों के इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. पुलिस इस फोन कॉल के दावे को जांच का मुख्य हिस्सा मानकर गहराई से पड़ताल कर रही है.
सुसाइड या मर्डर? पोस्टमार्टम और कॉल डिटेल्स खंगाल रही पुलिस
फिलहाल बशीरहाट थाना पुलिस दोनों ही मौतों को पूरी तरह संदिग्ध मानते हुए मामले की बारीकी से तफ्तीश कर रही है. पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल से कई जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं. दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे रुनू और देबाशीष के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) खंगाल रहे हैं ताकि यह साफ हो सके कि मौत से पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और क्या वाकई रुनू ने देबाशीष के पिता को फोन किया था. पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह मामला आपसी विवाद में हत्या के बाद आत्महत्या का है या फिर इसके पीछे कोई तीसरी खौफनाक साजिश छिपी हुई है.














