उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में गोकशी की वारदात पर पुलिस ने बेहद सख्त और त्वरित कार्रवाई की है। घमाइचमऊ गांव में गोवंश की हत्या की सूचना मिलते ही एक्शन में आई कोतवाली पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी शुरू कर दी। खुद को पुलिस से घिरा देख बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में एक आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया है। वहीं, मुस्तैद पुलिस टीम ने वारदात के मुख्य आरोपी को घटना में इस्तेमाल किए गए हथियारों (आला कत्ल) के साथ गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने कुल 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
आधी रात को मिली थी सूचना, मौके पर मिले गोवंश के अवशेष
कन्नौज पुलिस प्रशासन के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई 9 जुलाई की आधी रात के बाद शुरू हुई। रात करीब 00:22 बजे यूपी 112 (UP 112) के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली कि थाना कोतवाली कन्नौज के अंतर्गत आने वाले ग्राम घमाइचमऊ में कुछ लोग गोकशी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस भारी बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस टीम ने जब घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, तो वहां गोवंश के अवशेष के रूप में भारी मात्रा में खून, सींग और खाल का कुछ हिस्सा बिखरा पड़ा मिला। इसके साथ ही पुलिस ने मौके से एक लोहे की जंजीर भी बरामद की, जिससे गाय को बांधा गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल पशु चिकित्साधिकारी को मौके पर बुलवाया। डॉक्टरों की टीम ने प्राथमिक परीक्षण के बाद यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया कि बरामद अवशेष गोवंश के ही हैं। इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए सभी अवशेषों का सुरक्षित तरीके से निस्तारण करवा दिया।
गायब गाय को ढूंढ रहे मालिक ने आरोपियों को रंगे हाथ देखा था
कन्नौज पुलिस को यह अहम सूचना देने वाले गाय के मालिक ने बताया कि उसकी पालतू गाय एक दिन पहले से अचानक गायब हो गई थी। वह लगातार उसे आसपास के इलाकों में तलाश रहा था। जब वह गाय को ढूंढते हुए गांव के बाहरी सुनसान हिस्से की तरफ पहुंचा, तो उसने बड़ंका और मन्ना पुत्रगण आजाद खां को उनके चार अन्य अज्ञात साथियों के साथ वहां देखा था। मालिक को देखते ही आरोपी वहां से भाग निकले, जिसके बाद पीड़ित ने तुरंत पुलिस को इस खौफनाक वारदात की जानकारी दी।
गन्ने के खेत में छिपा बैठा था मुख्य आरोपी इरशाद, पूछताछ में उगले नाम
गोकशी की इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर टीमों का गठन कर तत्काल दबिश देनी शुरू की गई। पुलिस टीम जब तलाश कर रही थी, तभी घटनास्थल से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित एक खेत में मुख्य आरोपी इरशाद उर्फ सुल्ताना पुत्र उस्मान गनी छिपा हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास से गोकशी में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार (आला कत्ल) बरामद हुए।
कोतवाली पुलिस की सख्त पूछताछ के सामने मुख्य आरोपी इरशाद ज्यादा देर टिक नहीं सका और उसने वारदात में शामिल अपने सभी साथियों के नाम उगल दिए। उसने बताया कि इस अपराध में मन्ना पुत्र आजाद, बड़ंका पुत्र आजाद, मुस्तबील पुत्र वकील, रिजवान पुत्र शमशाद और सादिक उर्फ शाहिद पुत्र वाहिद उर्फ बैदू शामिल थे। ये सभी आरोपी ग्राम घमाइचमऊ के ही रहने वाले हैं। इस मामले में बीट आरक्षी मोनू कुमार की तहरीर पर कोतवाली कन्नौज में मु0अ0सं0- 392/2026 के तहत धारा 3/5/8 गोवध निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
जलालपुर पनवार के पास पुलिस मुठभेड़, आरोपी शाहिद के पैर में लगी गोली
मुकदमा दर्ज होने के बाद फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी बीच मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि इस केस से जुड़े दो शातिर आरोपी जलालपुर पनवार की तरफ भागने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही स्वात और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके की नाकेबंदी कर दी। पुलिस को सामने देख आरोपियों ने हड़बड़ाहट में जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग झोंक दी।
पुलिस टीम ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें पुलिस की एक गोली आरोपी सादिक उर्फ शाहिद के पैर में जा लगी। गोली लगते ही बदमाश लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए उसे हिरासत में ले लिया और इलाज के लिए तुरंत जिला अस्पताल भिजवाया।
मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी हुआ फरार, तलाश में ताबड़तोड़ दबिश
इस मुठभेड़ और अंधेरे का फायदा उठाकर दूसरा शातिर आरोपी बड़ंका मौके से भागने में सफल रहा। कन्नौज के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं। आरोपी के संभावित ठिकानों पर पुलिस लगातार दबिश दे रही है। एसपी ने साफ शब्दों में कहा कि जिले में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही शेष फरार आरोपी को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।










