कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के अनेकल इलाके में स्थित एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 8वीं क्लास की मासूम छात्रा ने अपने ही शिक्षकों की कथित प्रताड़ना और मानसिक टॉर्चर से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। बुधवार रात हुई इस घटना के बाद से इलाके में भारी तनाव और शोक का माहौल है। मृतका के माता-पिता ने स्कूल के पूरे टीचिंग स्टाफ पर अपनी बेटी को गंभीर रूप से प्रताड़ित करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के संगीन आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गहन जांच शुरू कर दी है।
सुसाइड नोट में खुला खौफनाक राज, स्कूल स्टाफ पर दुर्व्यवहार के आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक मामला मारसुरु सरकारी हाई स्कूल का है। बुधवार रात 8वीं की छात्रा ने अपने घर में आत्महत्या कर ली। कदम उठाने से पहले मासूम बच्ची ने एक सुसाइड नोट भी लिखा, जो अब पुलिस के हाथ लग चुका है। इस सुसाइड नोट में उसने स्कूल के टीचिंग स्टाफ द्वारा किए जा रहे दुर्व्यवहार, अमानवीय सजा और मानसिक उत्पीड़न की पूरी दास्तान बयां की है। सुसाइड नोट में लिखे शब्द उस खौफ और मानसिक तनाव को साफ दर्शाते हैं, जिससे वह मासूम गुजर रही थी।
होमवर्क न करने पर ₹20 का जुर्माना और टीसी (TC) काटने की धमकी
छात्रा ने अपने सुसाइड नोट में स्कूल की एक शिक्षिका पर बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उसने लिखा कि केवल एक दिन होमवर्क (गृहकार्य) पूरा न कर पाने की वजह से क्लास टीचर ने उसे पूरी कक्षा के सामने कड़ी शारीरिक और मानसिक सजा दी। बात यहीं खत्म नहीं हुई, टीचर ने उस पर ₹20 का आर्थिक जुर्माना भी ठोक दिया।
छात्रा ने सुसाइड नोट में आगे लिखा कि उसे स्कूल से बाहर निकालने और ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) देने की सीधी धमकी दी गई थी। इस अमानवीय व्यवहार और टीसी कटने के डर ने मासूम के दिमाग पर ऐसा गहरा आघात किया कि वह पूरी तरह डिप्रेशन (मानसिक तनाव) में चली गई और अंततः उसने यह खौफनाक और कठोर कदम उठा लिया।
अस्पताल में भर्ती थी मां, रोते हुए बोलीं— ‘टीचरों ने मेरी बेटी को मार डाला’
इस घटना के बाद मृतका की मां गिरिजा का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बिलखते हुए टीचिंग स्टाफ पर अपनी बेटी को आत्महत्या के लिए उकसाने और तंग करने का आरोप लगाया है। मां ने बताया, “शिक्षकों ने मेरी मासूम बेटी को बहुत ज्यादा परेशान किया। मैं खुद बीमार थी और अस्पताल में भर्ती थी, इसलिए मुझे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं हो सका। वह एक दिन स्कूल भी नहीं गई थी। मुझे इस पूरी घटना की जानकारी रात करीब 12:30 बजे लगी।”
मां ने रोते हुए आगे कहा कि स्कूल में उसके साथ जो कुछ भी हुआ, उसने डर के मारे किसी को नहीं बताया। वह अपनी बहन को यह बात बता सकती थी, लेकिन स्कूल के स्टाफ के खौफ की वजह से वह पूरी तरह खामोश रही। इस मामले में सूर्यनगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अप्राकृतिक मौत (UDR) का मुकदमा दर्ज कर लिया है और स्कूल प्रशासन व आरोपी शिक्षकों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
(अगर आपको या आपके किसी करीबी को मानसिक सहारे की जरूरत है, तो कृपया इन नंबरों पर संपर्क करें)
-
वंद्रेवाला फाउंडेशन फॉर मेंटल हेल्थ: 9999666555 (या ईमेल करें: help@vandrevalafoundation.com)
-
TISS iCall: 022-25521111 (सोमवार से शनिवार, सुबह 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक)















