दिल दहला देने वाली घटना: 8वीं की छात्रा ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में लिखा- ‘मुझ पर चोरी का झूठा आरोप लगाया, मां मुझे माफ कर देना’

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के अर्बन जिले के अनेकल से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। यहां स्कूल के शिक्षकों की कथित प्रताड़ना, डांट और चोरी के झूठे आरोपों से आहत होकर 8वीं कक्षा की एक मासूम छात्रा ने मौत को गले लगा लिया। इस खौफनाक कदम को उठाने से पहले छात्रा ने एक बेहद भावुक सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसे पढ़कर पुलिस अधिकारियों की आंखें भी नम हो गईं। इस दुखद घटना के बाद से स्थानीय मारसुरु सरकारी हाई स्कूल प्रशासन और वहां का टीचिंग स्टाफ गंभीर सवालों के घेरे में है।

कमरे में फंदे से लटकी मिली मासूम मधुश्री

दिल को झकझोर देने वाली यह घटना अनेकल के मारासुरु सरकारी हाईस्कूल की है। यहां पढ़ने वाली 13 वर्षीय छात्रा मधुश्री गुरुवार रात को अपने घर के कमरे में फंदे से लटकी हुई पाई गई। दर्दनाक बात यह है कि जिस वक्त मासूम ने यह आत्मघाती कदम उठाया, उस समय उसकी मां अस्पताल में भर्ती थीं। शुक्रवार सुबह जब परिजनों ने मधुश्री को फंदे पर लटकते देखा, तो घर में कोहराम मच गया। आनन-फानन में इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू की।

20 रुपये के लिए मिली सजा और मिली टीसी काटने की धमकी

पुलिस को मृतका के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें स्कूल के भीतर बच्चों पर बनाए जाने वाले मानसिक दबाव की परतें खुली हैं। मधुश्री ने नोट में लिखा कि स्कूल का होमवर्क पूरा न होने पर एक शिक्षक ने उसे न केवल बेरहमी से सजा दी, बल्कि उस पर 20 रुपये का जुर्माना भी ठोक दिया। इतना ही नहीं, उसे स्कूल से बाहर निकालने और टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) देने की भी सीधे तौर पर धमकी दी गई थी, जिससे वह गहरे मानसिक तनाव में आ गई थी।

‘मैं अब और अपमान नहीं सह सकती’… सुसाइड नोट का दर्द

छात्रा ने सुसाइड नोट में अपने साथ हुए दुर्व्यवहार का जिक्र करते हुए लिखा:

“स्कूल में जो कुछ भी हुआ, उसने मेरे दिल को बहुत गहरी चोट पहुंचाई है। मुझ पर पैसे चुराने का झूठा आरोप लगाया गया। 20 रुपये और 10 रुपये की चोरी के मामले में मुझे जबरन दोषी ठहराया गया, जबकि भगवान गवाह है कि मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया था। स्कूल के सभी टीचर्स मुझे ही डांटते हैं। मैं अब इस भयानक अपमान और मानसिक पीड़ा को और ज्यादा सहन नहीं कर सकती। मुझे लगने लगा है कि मैं इस दुनिया में जीने के लायक ही नहीं हूं। मां, मुझे प्लीज माफ कर देना।”

मासूम ने नोट में आगे लिखा कि उसकी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार न ठहराया जाए। उसने भावुक होते हुए लिखा कि उसकी मां और भाई-बहनों ने उसका हमेशा बहुत अच्छे से ख्याल रखा है, इसलिए उसकी मौत के बाद उसकी मां को कोई दोष न दे। उसने अपनी बड़ी बहन, छोटी बहन और छोटे भाई का ख्याल रखने की भी आखिरी अपील की है।

मां ने लगाया प्रताड़ना का आरोप, पुलिस जांच में जुटी

अस्पताल से लौटने के बाद बेटी का शव देख मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने स्कूल के टीचिंग स्टाफ पर अपनी मासूम बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित और टॉर्चर करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में सूर्यनगर थाना पुलिस ने फिलहाल अप्राकृतिक मौत (UDR) का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि छात्रा के सुसाइड नोट, पीड़ित परिवार के बयानों और स्कूल स्टाफ से पूछताछ के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की काउंसलिंग और शिक्षकों के संवेदनहीन व्यवहार पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

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