
- भूमि और राजस्व विवादों के मौके पर संयुक्त निस्तारण के दिए निर्देश
- थाना परिसर में किया वृक्षारोपण, गौशाला में चारा, पेयजल, स्वास्थ्य और साफ-सफाई की व्यवस्थाएं परखी
Farrukhabad : जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण को लेकर शनिवार को नवाबगंज थाने में आयोजित थाना समाधान दिवस में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने संयुक्त रूप से फरियादियों की शिकायतें सुनीं। दोनों अधिकारियों ने राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि एवं आपसी विवाद जैसे मामलों का मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि को प्राथमिकता देने को कहा।
समाधान दिवस में भूमि विवाद, राजस्व संबंधी प्रकरण तथा अन्य स्थानीय शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। संयुक्त प्रकृति के मामलों में राजस्व एवं पुलिस विभाग के बेहतर समन्वय पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने नवाबगंज थाना परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके नियमित संरक्षण पर बल दिया।
इसके बाद जिलाधिकारी ने विकासखंड नवाबगंज स्थित गौ आश्रय स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने गौवंशों के लिए हरा चारा, भूसा, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था और साफ-सफाई की स्थिति का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि गौवंशों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाए और बीमार पशुओं का तत्काल उपचार कराया जाए। उन्होंने गौशाला परिसर में साफ-सफाई, जल निकासी तथा कीट नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों का अवलोकन कर संरक्षित गौवंशों की संख्या एवं उनके रखरखाव की जानकारी भी ली।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ आश्रय स्थलों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
थाना समाधान दिवस, वृक्षारोपण कार्यक्रम एवं गौशाला निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी समेत पुलिस, राजस्व तथा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।








