
Payagpur, Bahraich : थाना पयागपुर क्षेत्र में हुए दो चर्चित हत्याकांडों का सात माह बाद भी खुलासा न हो पाने से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। लगातार बीतते समय के साथ पीड़ित परिवारों की न्याय की उम्मीद कमजोर पड़ती दिख रही है, वहीं स्थानीय लोगों में भी पुलिस जांच की प्रगति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
बहुचर्चित कोटबाजार निवासी जगदेव यादव हत्याकांड को सात माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक पुलिस किसी निर्णायक निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी है। इसी तरह ग्राम निबाहा में हुए एक युवक की हत्या के मामले में भी अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज होने के बावजूद जांच अभी तक अंतिम परिणाम तक नहीं पहुंची है। दोनों मामलों में खुलासा न होने से क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
इन घटनाओं के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह को लाइन हाजिर किया गया था। उनके स्थान पर थाना प्रभारी दीपक सिंह ने कार्यभार संभालने के बाद लंबित मामलों के खुलासे के लिए जांच को गति देने का प्रयास किया है। पुलिस का कहना है कि विभिन्न पहलुओं पर जांच जारी है, हालांकि अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी अथवा मामले के खुलासे की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
घटनाओं के बाद समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल तथा भाजपा विधायक सुभाष त्रिपाठी भी पीड़ित परिवारों से मिले थे और शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। इसके बावजूद लंबे समय तक कोई ठोस परिणाम सामने न आने से परिजनों में निराशा और क्षेत्रवासियों में असंतोष देखने को मिल रहा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इन दोनों मामलों का शीघ्र खुलासा होना न केवल पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक है, बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है। अब सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर इन चर्चित हत्याकांडों का खुलासा कब तक हो पाता है।









