Badlapur, Jaunpur : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बदलापुर की स्वास्थ्य सेवाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बदलापुर के अधिवक्ता मृदुल पंडित ने आरोप लगाया है कि प्रसव पीड़ा होने पर जब वह अपनी पत्नी को लेकर CHC पहुंचे, तो चिकित्सकों ने ऑपरेशन की आवश्यकता बताई। लेकिन बाद में यह कहते हुए इलाज करने में असमर्थता जताई कि अस्पताल में एनेस्थीसियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं हैं।
अधिवक्ता का कहना है कि उन्होंने तत्काल अपनी पत्नी को जौनपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सुरक्षित ऑपरेशन के बाद पुत्री का जन्म हुआ। उन्होंने बताया कि मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।
मृदुल पंडित ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आपातकालीन प्रसूति सेवाओं के लिए आवश्यक विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं, तो यह मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियां भविष्य में किसी बड़ी घटना का कारण बन सकती हैं।
इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में CHC बदलापुर की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां ज्यादातर डॉक्टर निजी अस्पताल संचालित कर मरीजों का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने तथा अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है।









