
Ayodhya : गोसाईंगंज विधायक अभय सिंह के चुनाव के खिलाफ मया बाजार निवासी रितेश सिंह कैप्टन ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि विधायक अभय सिंह द्वारा चुनाव लड़ने के समय प्रस्तुत किया गया हलफनामा अवैध था। याचिकाकर्ता ने इसका कारण बताते हुए कहा था कि हलफनामे को प्रमाणित करने वाले नोटरी सुरेंद्र गुप्ता के लाइसेंस का उस समय नवीनीकरण नहीं हुआ था।
इस मामले को लेकर रितेश सिंह कैप्टन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में याचिका दाखिल की थी, जिसकी सुनवाई 25 अप्रैल 2025 को पूरी हुई। सुनवाई के दौरान अभय सिंह के अधिवक्ता पवन कुमार पांडेय ने विभिन्न न्यायिक मामलों का हवाला देते हुए दलील दी कि नोटरीकर्ता सुरेंद्र गुप्ता द्वारा लाइसेंस नवीनीकरण के लिए पहले ही शुल्क और आवेदन पत्र जमा किया जा चुका था, इसलिए नोटरी की प्रक्रिया को अवैध नहीं माना जा सकता।
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता रितेश सिंह कैप्टन की याचिका खारिज कर दी और उन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। न्यायालय ने यह राशि छह सप्ताह के भीतर अभय सिंह को देने का आदेश दिया था।
निर्धारित समय सीमा के भीतर याचिकाकर्ता द्वारा न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किए जाने पर अभय सिंह के अधिवक्ता ने कोर्ट ऑफ कंटेम्प्ट दायर किया। कंटेम्प्ट याचिका दायर होने के बाद याचिकाकर्ता ने 25 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट न्यायालय में प्रस्तुत किया।
इस मामले की सुनवाई 9 जुलाई 2026 को हुई, जिसमें न्यायालय ने याचिकाकर्ता को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने पर जुर्माने की राशि क्यों न बढ़ाई जाए। न्यायालय ने हलफनामे के माध्यम से याचिकाकर्ता से जवाब मांगा है, जिसके लिए अगली सुनवाई की तारीख 21 जुलाई निर्धारित की गई है।









