देवदूत बना आवारा कुत्ता ! गाजियाबाद में 7 साल की मासूम से दरिंदगी, बेजुबान के इशारे पर बेसमेंट में मिला खून से लथपथ शव

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद कमिश्नरेट के राजनगर एक्सटेंशन (नंदग्राम) इलाके से एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक 7 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गईं। शनिवार तड़के जब पूरा इलाका अपनी लाडली को ढूंढने के लिए बदहवास घूम रहा था, तब एक बेजुबान आवारा कुत्ता पीड़ित परिवार के लिए मसीहा बन गया। उसी कुत्ते के इशारे पर परिजनों को एक निर्माणाधीन इमारत के बेसमेंट से मासूम का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

एडमिशन की चल रही थी तैयारी, तीन घंटे तक खाक छानते रहे परिजन

मासूम बच्ची के अचानक लापता होने के बाद से ही घर में कोहराम मचा हुआ था। पीड़ित मां का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने रोते हुए बताया कि वे अपनी लाडली का स्कूल में एडमिशन कराने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इस भयानक हादसे ने उनके घर का चिराग ही बुझा दिया।

बच्ची के लापता होने के बाद परिजनों ने तुरंत पड़ोसियों से मदद मांगी। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग रात के अंधेरे में आसपास के मोहल्लों, खाली प्लॉटों और निर्माणाधीन साइट्स पर बच्ची को तलाशने लगे। करीब 3 से 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भी जब मासूम का कहीं कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों की धड़कनें बढ़ने लगीं।

जब देवदूत बनकर आया आवारा कुत्ता, बेसमेंट में जाकर हुआ खड़ा

तलाशी के दौरान कुछ स्थानीय लोग ढूंढते हुए एक निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास पहुंचे, जहां एक सिक्योरिटी गार्ड तैनात था। गार्ड ने लोगों को बताया कि उसने कुछ देर पहले बिल्डिंग के अंदर से किसी के चीखने की आवाज सुनी थी, लेकिन सन्नाटा और गहरा अंधेरा होने के कारण वह पक्का नहीं कह पा रहा था। रात के करीब 12:30 बज चुके थे और चारों तरफ घुप्प अंधेरा था।

लोग जब टॉर्च की रोशनी में इमारत के भीतर दाखिल हुए, तो एक आवारा कुत्ता भी उनके साथ-साथ अंदर चलने लगा। वह कुत्ता अचानक तेजी से दौड़ता हुआ बेसमेंट की तरफ गया और एक खास जगह पर जाकर बिल्कुल शांत खड़ा हो गया। कुत्ते की इस अजीब हरकत को देखकर लोगों को गहरे अनिष्ट की आशंका हुई। जब लोग टॉर्च चमकाते हुए बेसमेंट के उस हिस्से में पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर सबकी रूह कांप गई। वहां मासूम बच्ची का लहूलुहान शव पड़ा हुआ था। इसके तुरंत बाद रात करीब 1:00 बजे पुलिस को मामले की सूचना दी गई।

स्थानीय महिला की सूझबूझ से दबोचे गए दरिंदे

शव मिलने के बाद मौके पर भारी आक्रोश फैल गया। इसी बीच भीड़ में मौजूद एक स्थानीय महिला ने सूझबूझ दिखाई और तफ्तीश की दिशा बदल दी। महिला ने लोगों को बताया कि उसने कुछ समय पहले संदिग्धों को बच्ची को बहला-फुसलाकर उसी निर्माणाधीन इमारत की तरफ ले जाते हुए देखा था। हालांकि, महिला को आरोपियों के घर का सटीक पता नहीं मालूम था।

इसके बाद स्थानीय लोगों ने इलाके के दो अन्य पुरुषों पर दबाव बनाया जो उन संदिग्धों को जानते थे। उनकी निशानदेही पर पुलिस और स्थानीय जनता सीधे आरोपियों के कमरे तक पहुंच गई और दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी पेशे से मजदूर बताए जा रहे हैं।

पोक्सो, रेप और मर्डर की धाराओं में केस दर्ज, एक फरार

इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले में गाजियाबाद पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए शव को कब्जे में लेकर डॉक्टरों के विशेष पैनल से पोस्टमार्टम कराया है। नंदग्राम की कार्यवाहक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) श्रीमती प्रिया श्रीपाल ने बताया कि पुलिस ने फॉरेंसिक (FSL) टीम की मदद से घटनास्थल से सभी वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं।

परिजनों की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ अपहरण, गैंगरेप, मर्डर और बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों (जिसमें एक बालिग और एक नाबालिग है) को जेल भेज दिया है, जबकि मामले में शामिल तीसरे फरार आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

 

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