NEET-2026 विवाद: संसद मार्च में हुए बवाल के बाद केंद्र और दिल्ली सरकार सख्त, भीड़ के पीछे ‘हिडन एजेंडे’ की जांच शुरू!

नई दिल्ली: नीट-2026 परीक्षा में हुई धांधली को लेकर संसद मार्च के दौरान सोमवार को हुए उग्र प्रदर्शन के बाद केंद्र और दिल्ली सरकार ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सुरक्षा एजेंसियों ने अब इस बात की गहन जांच शुरू कर दी है कि प्रदर्शन स्थल पर उपद्रव मचाने वाली भीड़ की वास्तविक भूमिका क्या थी? सरकारी सूत्रों के मुताबिक, जांच का मुख्य केंद्र बिंदु यह पता लगाना है कि ऐसे हजारों लोगों की भीड़ का असली मकसद क्या था, जिनका नीट परीक्षा या अभ्यर्थियों से दूर-दूर तक कोई प्रत्यक्ष संबंध ही नहीं था।

क्या दिल्ली बुलाए गए थे ‘अराजक तत्व’? फंडिंग और मास्टरमाइंड की तलाश

जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या प्रदर्शन को हिंसक बनाने और माहौल बिगाड़ने के लिए किसी खास साजिश के तहत लोगों को बाहरी राज्यों से दिल्ली बुलाया गया था? इसके साथ ही इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरी भीड़ के पीछे कौन-कौन से संगठन या राजनीतिक आका सक्रिय थे।

सुरक्षाबलों के साथ कई इलाकों में हुई हिंसक झड़पों के बाद अब यह आशंका जताई जा रही है कि छात्रों के आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने की कोशिश की गई थी।

डिलीवरी बॉय से लेकर दिहाड़ी मजदूर तक शामिल, पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज

दिल्ली पुलिस अब प्रदर्शन स्थल और आसपास के प्रमुख इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन फुटेज और मोबाइल वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए उपद्रवियों की पहचान में जुट गई है। सरकारी काम में बाधा डालने और हिंसा फैलाने को लेकर दर्जनों अज्ञात व नामजद लोगों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।

चौंकाने वाली बात यह है कि संसद मार्च में शामिल कई लोग अपने आने की कोई ठोस वजह भी नहीं बता पाए:

  • एटा से आए साहिल: जोमैटो डिलीवरी बॉय के रूप में काम करने वाले साहिल ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की, हालांकि उनका परीक्षा से कोई संबंध नहीं था।

  • गुरुग्राम से आए इरफान: कंपनी में हेल्पर का काम करने वाले इरफान प्रदर्शन में शामिल होने का कोई स्पष्ट कारण नहीं दे सके।

  • लुधियाना के गुरविंदर: पेशे से ट्रक ड्राइवर गुरविंदर भी इस भीड़ का हिस्सा बने हुए थे।

पश्चिमी यूपी, हरियाणा और पंजाब से पहुंची भीड़; रेलवे-ट्रांसपोर्ट डेटा से खुलासा

परिवहन विभाग और भारतीय रेलवे से मिले शुरुआती आंकड़ों और इनपुट से साफ हुआ है कि सोमवार को दिल्ली पहुंची भीड़ का एक बड़ा हिस्सा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के ग्रामीण व शहरी इलाकों से आया था। इनमें दिहाड़ी मजदूरों, ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के कर्मियों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के जमीनी कार्यकर्ता भी शामिल थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल और मैदानी साक्ष्यों के आधार पर सभी उपद्रवियों की पहचान पूरी होते ही उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha