नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में चल रहे भारी विरोध-प्रदर्शनों और विपक्ष के हमलों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदर्शनकारियों की मांगों और छात्रों के आक्रोश को देखते हुए पिछले 24 घंटे के भीतर सरकार की ओर से छह बड़े और कड़े फैसले लिए गए हैं।
एक तरफ केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की पहल पर मेदांता अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिनों से जारी अनशन समाप्त कर दिया, वहीं दूसरी ओर सरकार ने छात्र संगठनों के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई न करने का लिखित आश्वासन दिया है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो संदेश जारी कर सख्त लहजे में कहा कि एग्जाम सिंडिकेट के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
संसद से सड़क तक संग्राम, विपक्ष धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा
भले ही केंद्र सरकार स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार फैसले ले रही है, लेकिन जंतर-मंतर पर डटे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता और विपक्षी दल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। संसद के मानसून सत्र में भी लगातार पांचवें दिन नीट मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही बाधित रही। CJP प्रतिनिधियों ने तीसरे दौर की वार्ता विफल होने पर दोबारा संसद मार्च निकालने की चेतावनी दी है।
NEET विवाद सुलझाने के लिए सरकार के 6 बड़े फैसले
1. शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर केस नहीं, संसद में होगी चर्चा
सरकार ने सोनम वांगचुक और आंदोलनकारी छात्रों को लिखित में भरोसा दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल किसी भी छात्र या कार्यकर्ता पर पुलिस कार्रवाई या नया केस दर्ज नहीं होगा। साथ ही, NTA में सुधार और परीक्षा में हुई गड़बड़ियों पर संसद के चालू मानसून सत्र में आधिकारिक तौर पर चर्चा कराई जाएगी।
2. पीड़ित परिवारों को आर्थिक मुआवजा और मुकदमों की वापसी
विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार या आरोपी बनाए गए स्टूडेंट एक्टिविस्टों के खिलाफ कानूनी मामले वापस लेने पर सहमति बन गई है। इसके अलावा, नीट मामले के मानसिक तनाव के कारण असमय जान गंवाने वाले छात्रों के पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया है।
3. आरोपियों के त्वरित ट्रायल के लिए बनेंगे फास्ट-ट्रैक कोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया है कि नीट धांधली की सुनवाई के लिए तुरंत डेडिकेटेड ‘फास्ट-ट्रैक कोर्ट’ का गठन किया जाएगा। इसका उद्देश्य केस की रोजाना सुनवाई कर पेपर लीक कराने वाले सिंडिकेट के सरगनाओं को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाना है।
4. 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये जुर्माना का नया कानून
पेपर लीक और नकल माफिया पर नकेल कसने के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट’ को और अधिक सख्त बनाने की मंजूरी दे दी है। नए विधायी बदलावों के तहत साजिश रचने वाले व्यक्तियों या कोचिंग संस्थानों को 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
5. NTA के 47 अफसर बर्खास्त, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बड़े स्तर पर प्रशासनिक सर्जरी की गई है। गड़बड़ी में संलिप्तता के अंदेशे के चलते 47 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है, जिनमें से कई पर आपराधिक मुकदमे भी चलेंगे। इसके अलावा NTA की कार्यप्रणाली और डेटा सुरक्षा की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति बनाई गई है।
6. उच्च शिक्षा सचिव हटाए गए, CBI जांच में 13 गिरफ्तार
कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी को पद से हटा दिया है और उनके स्थान पर नरेश पाल गंगवार को नया सचिव नियुक्त किया है। मामले की जांच कर रही सीबीआई की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अब तक मुख्य साजिशकर्ताओं समेत 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पारदर्शी प्रक्रिया के तहत पुनः परीक्षा आयोजित कर परिणाम जारी कर दिए गए हैं और दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।












