
इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है। थाना बकेवर क्षेत्र के चिकनी गांव में जमीन के मामूली विवाद को लेकर चचेरे भाई ने ही रिटायर्ड सुरक्षाकर्मी की कुल्हाड़ी से काट कर निर्मम हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन बकेवर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है। उधर, घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा और नारेबाजी की।
जमीन विवाद में चचेरे भाई ने किया कुल्हाड़ी से हमला प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिकनी गांव निवासी विनय कुमार शर्मा (रिटायर्ड सिक्योरिटी गार्ड) अपनी पैतृक जमीन पर मकान का निर्माण करवा रहे थे। इस बात को लेकर उनका चचेरा भाई राजकुमार लगातार उनसे रंजिश रख रहा था और आए दिन विवाद करता था। मंगलवार को जब विनय कुमार अपने घर से बाहर निकले, तो आरोपी राजकुमार ने उन्हें रास्ते में घेर लिया और अचानक कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। सिर और गर्दन पर गंभीर चोटें आने के कारण विनय कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गया।
पुलिस एनकाउंटर में पकड़ा गया आरोपी, दोनों पैरों में लगी गोली हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक देहात श्रीशचंद्र ने बताया कि घटना के बाद आरोपी की घेराबंदी के लिए टीमें गठित की गईं। मुखबिर की सूचना पर जब पुलिस ने आरोपी राजकुमार को सरेंडर करने के लिए ललकारा, तो उसने पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी राजकुमार के दोनों पैरों में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया और इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया।
हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, तमंचा और कारतूस बरामद एसपी देहात के मुताबिक मुठभेड़ स्थल से आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई खून से सनी कुल्हाड़ी, एक अवैध तमंचा और जिंदा व चले हुए कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस मामले की विधिक कार्रवाई में जुटी है और आरोपी के खिलाफ हत्या व पुलिस टीम पर हमले की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है।
परिजनों में भारी आक्रोश, पुलिस पर लगाया लापरवाही का गंभीर आरोप दूसरी ओर, विनय कुमार की हत्या के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने बकेवर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मृतक के परिवार की महिला उमा देवी ने रोते हुए आरोप लगाया कि विनय को अपनी जान का खतरा पहले से था। करीब 15 दिन पहले ही उन्होंने बकेवर थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपी राजकुमार के खिलाफ जान से मारने की आशंका जताई थी। लेकिन पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। परिजनों का साफ कहना है कि अगर पुलिस ने समय रहते एक्शन लिया होता, तो आज विनय जिंदा होते। इस आरोप पर एसपी देहात का कहना है कि परिजनों की शिकायतों और पुलिस की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की जा रही है।








