लखनऊ: मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में लखनऊ पुलिस ने एक और सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने आपराधिक षड्यंत्र में सहयोग देने और बिना किसी वैध पहचान पत्र (ID Proof) के नाबालिग को कमरा उपलब्ध कराने के आरोप में होटल मालिक दीपक गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत में पेशी के बाद आरोपी होटल संचालक को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
3 दिनों तक बंधक बनाकर किया गया था दुष्कर्म पुलिस जांच के अनुसार, 24 जुलाई को शिकायतकर्ता ने अपनी 16 वर्षीय ननद की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। तफ्तीश में सामने आया कि दुर्गेश, उसकी पत्नी खुशबू और राबिया ने किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने कब्जे में लिया था। इसके बाद 18 से 20 जुलाई के बीच राबिया और उसका पति विनोद किशोरी को पीजीआई क्षेत्र स्थित होटल ले गए, जहां द्वारिका रैदास नामक व्यक्ति ने तीन दिनों तक नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया।
5 मुख्य आरोपी पहले ही भेजे जा चुके हैं जेल मामले में मोहनलालगंज पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस इस सनसनीखेज कांड में शामिल 5 नामजद आरोपियों—द्वारिका, विनोद रावत, दुर्गेश रावत, खुशबू और राबिया को पहले ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
CCTV फुटेज से खुला होटल मालिक की लापरवाही का राज मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने जब होटल के सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्ड्स खंगाले, तो स्पष्ट हुआ कि होटल संचालक दीपक गुप्ता ने नियमों को दरकिनार कर बिना पहचान पत्र के किशोरी को ठहरने की अनुमति दी थी। पूछताछ में आरोपी होटल मालिक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए जुर्म कुबूल कर लिया।
नियमों का उल्लंघन करने वाले होटलों पर होगी सख्त कार्रवाई: ACP एसीपी मोहनलालगंज राजेश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों से जुड़े अपराधों में सहयोग करने या लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सभी होटल और गेस्ट हाउस संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि बिना वैध पहचान पत्र के किसी को भी कमरा न दें, अन्यथा उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









