
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आवारा और खुले में घूमते पशुओं की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। नगर निगम के पशु कल्याण विभाग ने शहर के विभिन्न इलाकों में विशेष अभियान चलाकर 35 पशुओं को जब्त किया है। इसके साथ ही नगर निगम प्रशासन ने पशुपालकों को सख्त चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि पालतू जानवर सार्वजनिक स्थान पर किसी व्यक्ति पर हमला करता है, तो उसके मालिक के खिलाफ सीधे प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी।
शहर के प्रमुख इलाकों में चला अभियान, 35 पशु जब्त
पशु कल्याण विभाग की टीमों ने शहर को आवारा मवेशियों से मुक्त कराने के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई की। यह अभियान इंदिरा नगर, अलीगंज, निशातगंज, गोमती नगर, विभूति खंड और गीतापल्ली समेत कई बड़े इलाकों में चलाया गया। कार्रवाई के दौरान कुल 35 आवारा और खुले में घूम रहे मवेशियों को पकड़ा गया, जिनमें 18 गाय, 6 सांड, 7 बछिया और 4 बछड़े शामिल हैं।
सार्वजनिक स्थानों पर मवेशी छोड़ने पर लगेगा जुर्माना
लखनऊ नगर निगम ने सभी पशुपालकों को हिदायत दी है कि वे अपने मवेशियों को अपने परिसरों के भीतर ही बांधकर रखें। यदि कोई भी पशु सड़क, मुख्य मार्ग या सार्वजनिक स्थानों पर घूमता हुआ पाया जाता है, तो नगर निगम की टीम उसे जब्त कर लेगी। इसके साथ ही संबंधित पशुपालक से भारी जुर्माना वसूला जाएगा और नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
हमला करने पर सीधे होगी जेल, जारी रहेगा धरपकड़ अभियान
नगर निगम के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सड़कों पर घूम रहे मवेशी यदि किसी नागरिक को चोट पहुंचाते हैं या हमला करते हैं, तो उसकी पूरी जवाबदेही पशुपालक की होगी। ऐसे मामलों में पीड़ित की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मालिक पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। नगर निगम प्रशासन ने दोहराया है कि शहर को पशु-मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए यह धरपकड़ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।









