लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन भी सियासी गर्माहट और भारी हंगामे की भेंट चढ़ता दिख रहा है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष के कड़े तेवरों और अव्यवस्था को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले बीते दिन राज्य सरकार ने सदन के पटल पर 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया था, जिस पर चर्चा के बजाय विपक्ष के हंगामे को लेकर सत्ता पक्ष ने उन पर जनता के वास्तविक मुद्दों से भागने का गंभीर आरोप लगाया है।
राम मंदिर चंदे और आतंकवाद पर शिवपाल यादव का विवादित व आक्रामक बयान
विधानसभा के बाहर भी सियासी पारा अपने चरम पर है। अयोध्या राम मंदिर निर्माण के चंदे में कथित गड़बड़ी और अन्य प्रासंगिक मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सपा के वरिष्ठ विधायक शिवपाल सिंह यादव ने मीडिया से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर सीधा और बेहद तीखा हमला बोला। शिवपाल यादव ने विवादित बयान देते हुए कहा कि भाजपा और संघ के लोगों ने ही चंदे में हेराफेरी करवाई है और इसकी पूरी साजिश रची है। इतना ही नहीं, उन्होंने हमला जारी रखते हुए यह गंभीर आरोप भी जड़ दिया कि इनके ठिकानों पर ही असामाजिक गतिविधियों और आतंकवाद की ट्रेनिंग दी जाती है। शिवपाल के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया भूचाल आ गया है।
केशव प्रसाद मौर्य का पलटवार: ‘लोकतांत्रिक व्यवस्था से सपा का कोई सरोकार नहीं’
विपक्ष के इस रवैये और तीखे बयानों पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कड़ा पलटवार किया है। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी एक ऐसा राजनीतिक दल है जिसका लोकतांत्रिक मूल्यों, परंपराओं और संसदीय व्यवस्था से कभी कोई लेना-देना नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह का आचरण सपा सदस्यों ने सदन के भीतर किया है, उसकी जितने भी कड़े शब्दों में निंदा की जाए, वह कम है। सपा विधायकों ने न केवल पीठ का घोर अपमान किया, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी 25 करोड़ जनता के हित में अपनी बात रखने से रोका। मौर्य ने स्पष्ट किया कि विपक्ष का काम केवल सदन का मूल्यवान समय बर्बाद करना है और उन्हें प्रदेश के विकास या जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है।











